Negligence : साइक्लोन दितवाह से तबाह श्रीलंका इन दिनों भारी बाढ़ और मानवीय संकट से जूझ रहा है. इसी बीच पाकिस्तान की ओर से भेजी गई राहत सामग्री को लेकर कोलंबो में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. श्रीलंका में राजनीतिक दलों और सोशल मीडिया पर आरोप लगाया जा रहा है कि पाकिस्तान ने जो मानवीय मदद भेजी, उसमें बड़ी मात्रा में एक्सपायरी सामान शामिल है.
श्रीलंका में विपक्षी नेताओं और स्थानीय संगठनों ने कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि राहत सामग्री का एक हिस्सा एक्सपायर हो चुका था. उनका आरोप है कि पाकिस्तान ने जिस वक्त श्रीलंका बाढ़ से जूझ रहा है, उसी समय मानवीय मदद के नाम पर ऐसा सामान भेज दिया जिसे बांटने से पहले ही हटाना पड़ा.
सोशल मीडिया पर बवाल
श्रीलंकाई नेताओं ने कहा कि संकट की घड़ी में भेजी जाने वाली मदद का मकसद लोगों की जिंदगी बचाना होता है, न कि उन्हें और खतरे में डालना.
उन्होंने तुरंत स्पष्टिकरण, जवाबदेही और एक्सपायरी सामग्री को बदलने की मांग की है. सोशल मीडिया पर हैशटैग #negligence ट्रेंड कर रहा है. कई यूजर्स इसकी आलोचना भी कर रहे हैं.
श्रीलंका में हालात गंभीर, 11 लाख प्रभावित, 370 लोग लापता
श्रीलंका में साइक्लोन दितवाह की वजह से हालात बेहद खराब हैं. 334 मौतों की पुष्टि,370 लोग लापता, 11 लाख से अधिक लोग प्रभावित और करीब 2 लाख लोग शेल्टर में रहने को मजबूर हैं. भारत ने भी ऑपरेशन सागर बंधु के तहत 53 टन राहत सामग्री भेजी है, जिसमें टेंट, दवाइयां, रेडी-टू-ईट फूड, तिरपाल, मेडिकल टीम और NDRF की स्पेशल यूनिट शामिल है.
भारत ने 4 घंटे में ओवरफ्लाइट मंजूर की
दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान की इसी फ्लाइट को भारत ने सिर्फ चार घंटे के अंदर अपने एयरस्पेस से गुजरने की अनुमति दे दी थी. यह अनुमति मानवीय आधार पर दी गई, क्योंकि फ्लाइट में श्रीलंका के लिए राहत सामग्री बताई गई थी. सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पाकिस्तान ने दोपहर 1 बजे ओवरफ्लाइट की रिक्वेस्ट भेजी थी और उसे तत्काल मानवीय मदद को ध्यान में रखते हुए मंजूर कर लिया गया. ओवरफ्लाइट का मतलब होता है किसी देश के ऊपर से गुजरना, बिना वहां लैंड किए.
