मनोज कुमार
(नई दिल्ली)
Modi Three Nation Tour : जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की यात्रा पर निकले हैं, तो यह सिर्फ एक राजनीतिक दौरा नहीं है। यह भारत का एक बड़ा भू-राजनीतिक खेल है जहां ऊर्जा सुरक्षा और किसानों की खाद सुरक्षा सुनिश्चित होगी वहीं डिजिटल भारत विश्व को जीतेगा, अरबों डॉलर का व्यापार बढ़ेगा, और सीरिया जैसे देशों में भारतीय कंपनियां काम करेंगी।
इस यात्रा के माध्यम से भारत पश्चिम एशिया और अफ्रीका के भू-राजनीतिक खेल में एक निर्णायक खिलाड़ी बनकर उभर रहा है।
जॉर्डन: 75 साल की दोस्ती
जॉर्डन भारत के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उसके पास फॉस्फेट और पोटाश की विशाल खदानें हैं, जो खाद बनाने का कच्चा माल हैं। भारत अपनी 1.5 अरब आबादी को खाना खिलाता है, और उसके लिए ढेर सारी खाद की जरूरत होती है।
जॉर्डन सबसे सस्ता और सुरक्षित स्रोत है।
15-16 दिसंबर को, प्रधानमंत्री मोदी ने जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय के साथ पांच ऐतिहासिक समझौते साइन किए
● जॉर्डन में भारत के सौर, पवन और हरित हाइड्रोजन प्लांट लगेंगे। इससे उसे सस्ती बिजली मिलेगी, और भारत को पश्चिम एशिया में एक नया बाजार मिलेगा।
●जॉर्डन को पानी की कमी की गंभीर समस्या है, और भारत के पास इस समस्या को हल करने की विश्व-स्तरीय तकनीक है।भारत-जॉर्डन टीम मिलकर जॉर्डन को पानी की समस्या से बचाने में मदद करेगी।
● भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI)—अब जॉर्डन में भी काम करेगा। ●शैक्षणिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान— अल हुसैन टेक्निकल विश्वविद्यालय में “भारत-जॉर्डन सेंटर ऑफ एक्सिलेंस” स्थापित किया जा रहा है।भारतीय तकनीकी शिक्षा अब जॉर्डन तक पहुंचेगी।
लेकिन जॉर्डन यात्रा का सबसे बड़ा महत्व है सीरिया पुनर्निर्माण में। प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया-जॉर्डन बिजनेस फोरम में एक ऐतिहासिक घोषणा की कि भारतीय और जॉर्डनी कंपनियां मिलकर सीरिया के बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण में भाग लेंगी।
2011-2023 के सीरिया गृहयुद्ध ने उसे पूरी तरह तबाह कर दिया। अब जब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, पुनर्निर्माण का बाजार अरबों डॉलर का है।
भारत इस क्षेत्र में पहले से ही सक्रिय है। BHEL दमिश्क के पास तिश्रिन पावर प्लांट को 400 मेगावाट का बिजली संयंत्र बनाने पर काम कर रहा है। यह परियोजना 2009 में शुरू हुई थी, लेकिन 2011 के बाद से युद्ध और बैंकिंग प्रतिबंधों के कारण रुकी हुई थी। अब यह पूरी गति से आगे बढ़ेगी।
ONGC सीरिया के उत्तर में Deir-ez-Zour में तेल और गैस अन्वेषण पर काम कर रहा है। इससे सीरिया को ऊर्जा मिलेगी, और भारत को ऊर्जा आपूर्ति में सहायता मिलेगी।
अपोलो इंटरनेशनल, हमा में एक लोहा और इस्पात संयंत्र को आधुनिक बनाने की परियोजना पूरी कर चुका है, जो सीरिया के औद्योगीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
जनवरी 2020 में भारत के विदेश मंत्रालय ने दमिश्क, सीरिया में “जयपुर कृत्रिम अंग” का फिटमेंट कैंप आयोजित किया।– इस कैंप में युद्ध पीड़ित 500 से ज़्यादा सीरियाई विकलांगों को मुफ्त कृत्रिम पैर/हाथ लगाए गए।
2021 में 10 टन दवाइयां, COVID टीके, 2000 टन चावल दिया, Next Generation IT Center स्थापित किया, और 1500 छात्रवृत्तियां सीरियाई छात्रों के लिए दीं।
भारत ने सीरिया के संकट में हमेशा तटस्थता बनाए रखी, किसी एक पक्ष का समर्थन नहीं किया। इसीलिए सीरिया के लिए भारत एक विश्वसनीय दोस्त है।
जॉर्डन को भारत का गेटवे के रूप में उपयोग करते हुए, भारत और जॉर्डन मिलकर सीरिया और पूरे पश्चिम एशिया में विकास का एक त्रिपक्षीय आर्थिक रणनीति तैयार कर रहे हैं।
इथियोपिया: अफ्रीका का खनिज-खजाना
2011 के बाद यह पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इथियोपिया यात्रा है, जो अब BRICS का नया सदस्य है, और भारत ने इसे शामिल कराने में अहम भूमिका निभाई है।
इथियोपिया एक खनिज महाशक्ति है, लेकिन अभी तक विश्व का ध्यान इस पर नहीं गया है। इसके पास 200 टन सोने का भंडार है, जो अफ्रीका में दूसरा सबसे बड़ा है।
भारत एक बड़ा सोना आयात करने वाला देश है, और इथियोपिया से सोना आयात करने से भारत की विदेशी मुद्रा बचेगी।
इथियोपिया विश्व का छठा सबसे बड़ा टैंटलम उत्पादक है, जो एक दुर्लभ धातु है। यह सभी स्मार्टफोन, लैपटॉप, कैमरे और AI उपकरणों में उपयोग होती है।
भारत का डिजिटल उद्योग तेजी से बढ़ रहा है, और इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, कंप्यूटर सभी को इस धातु की जरूरत है। इथियोपिया से यह मिलेगा, जो भारत के डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को बेहद शक्तिशाली बनाएगा।
इथियोपिया के डनाकिल डिप्रेशन में विश्व के सबसे बड़े पोटाश भंडार हैं। पोटाश खाद बनाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, और यह भारतीय किसानों के लिए एक और जीवन-रेखा है।
वहां हीरे, नीलम, पन्ना, जेड, ओपल, कोयला (360 मिलियन टन), लोहा (69 मिलियन टन), और दुर्लभ अर्थ मिनरल भी हैं।
चीन अभी दुनिया में दुर्लभ अर्थ मिनरल पर 90% नियंत्रण करता है। इथियोपिया की इस खोज से भारत को एक विकल्प मिलेगा।
इथियोपिया से नील नदी का 85% जल आता है! नील नदी का महत्व यह है कि मिस्र, सूडान और पूरे अफ्रीका इस पर निर्भर हैं। भारत के पास हाइड्रो-इलेक्ट्रिक तकनीक है, जो इथियोपिया के विकास में मदद करेगी।
ग्रैंड इथियोपियन रेनेसांस डैम 2025 में 90% पूर्ण हो चुका है और 6.45 गीगावाट बिजली उत्पादन कर सकेगा। यह अफ्रीका की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना है, और भारत इसे आधुनिक बनाने में मदद कर सकता है।
इथियोपिया की यात्रा के दौरान भारत सौर ऊर्जा, कृषि सहयोग, खनिज व्यापार, रक्षा सहयोग, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (UPI), और शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर विस्तृत समझौते हुये हैं।
ओमान: ऊर्जा सुरक्षा का गोल्डन दरवाजा!
यात्रा का मुख्य आकर्षण है, ऐतिहासिक व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA)। भारत की यूनियन कैबिनेट और ओमान की शूरा काउंसिल (संसद) दोनों ने पहले से ही इसे मंजूरी दे दी है, जिसके तहत
● 98% तक टैरिफ-मुक्त व्यापार संभव होगा
● द्विपक्षीय व्यापार को $10.6 अरब से बढ़ाकर $20 अरब तक ले जाने की योजना है।
ओमान भारत के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बगल में स्थित है, जहां दुनिया का 40% तेल गुजरता है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तेल आयातकर्ता है।
ओमान के साथ मजबूत दोस्ती का मतलब है भारत की ऊर्जा सुरक्षा पक्की। इसके अलावा, ओमान में 6000 से अधिक भारतीय संयुक्त उद्यम काम कर रहे हैं, और भारत ने $7.5 अरब की पूंजी निवेश की है। ओमान में लाखों भारतीय काम कर रहे हैं।
पहला समझौता> ओमान के पास सूर्य का अथाह संसाधन है, और भारत के पास तकनीक और बाजार है। ग्रीन हाइड्रोजन भविष्य की ऊर्जा है, और भारत इस क्षेत्र में ओमान के साथ भागीदारी करके एक नई ऊर्जा क्रांति की शुरुआत कर रहा है।
दूसरा समझौता> भारतीय व्यावसायियों को 5 साल का मल्टी-एंट्री वीजा मिलेगा। इससे व्यापार और निवेश में जबरदस्त तेजी आएगी, और भारतीय कंपनियां ओमान में अपने ऑफिस आसानी से खोल सकेंगी।
तीसरा समझौता> ओमान से कृषि उत्पादों का आयात होगा, और पशुपालन में सहयोग होगा।
यह यात्रायें साफ करती है कि भारत अब एक “सुपर पावर” बनने की ओर बढ़ रहा है—न सिर्फ सैन्य ताकत से, बल्कि आर्थिक, तकनीकी और कूटनीतिक शक्ति से भी।
विकासशील देशों की आवाज उठाते हुए, भारत “ग्लोबल साउथ” का नेता बन रहा है।