Paush Purnima 2026: पौष पूर्णिमा आज, नहीं जा पा रहे हैं संगम, तो घर में इस नियम से करें स्नान, मिलेगा पूरा पुण्य!

Sanat Kumar Dwivedi

Paush Purnima 2026: आज पौष माह की पूर्णिमा है. सनातन धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि पूर्णिमा की तिथि अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी होती है. पूर्णिमा पर पवित्र नदियों में स्नान-दान किया जाता है. मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान-दान करने से अक्षय पुण्य प्राप्त होते हैं. ये पूर्णिमा साल 2026 की पहली पूर्णिमा है. ये तिथि इसलिए भी खास है क्योंकि आज प्रयागराज में त्रिवेणी संगम के तट पर माघ मेले में पहला स्नान किया जा रहा है.

पौष पूर्णिमा के दिन गंगा-यमुना-सरस्वती के संगम या किसी पवित्र नदी में स्नान करना बहुत शुभ और पुण्यकारी माना जाता है, लेकिन अगर आप किसी वजह से आज त्रिवेणी संगम या अन्य किसी नदी में स्नान करने नहीं जा पा रहे हैं, तो शास्त्रों में कुछ नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करते हुए आप घर पर भी स्नान करते हैं, तो आपको संंगम स्नान जितना ही पुण्य प्राप्त होगा. ऐसे में आइए जानते हैं ये नियम.

घर पर स्नान करते समय ये नियम रखें ध्यान
मान्यता है कि पौष पूर्णिमा के दिन जो भी संगम में जाकर डुबकी लगाता है, उसके साल भर पाप नष्ट हो जाते हैं, लेकिन पौष पूर्णिमा पर यदि आप संगम स्नान नहीं कर पा रहे हैं, तो घर पर स्नान करते समय पानी में गंगाजल मिलाएं. स्नान करते समय मन में गंगा, यमुना और सरस्वती का ध्यान करें. फिर गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति। नर्मदे सिन्धु कावेरी जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु॥ ये मंत्र बोले.

तार्थ स्नान के समान प्राप्त होता है फल
मान्यता है कि अगर इस मंत्र को बोलकर भी घर पर भी स्नान किया जाता है, तो वो तार्थ स्नान के समान फल देता है. पौष पूर्णिमा के दिन स्नान समय पानी की शुद्धता का पूरा ध्यान रखें. साबुन या शैम्पू आदि का उपयोग न करें. स्नान के बाद सूर्य देव को जल दें. पूजा-पाठ करें और गरीबों को दान-दक्षिणा दें. पूर्णिमा पर व्रत रखने का विशेष महत्व है, इसलिए व्रत रखें. अगर व्रत नहीं रख सकते हैं, तो सात्विक भोजन ही करें.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. बिंदास बोल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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