Dil Banjara : रांची में ग़ज़लों का जश्न: हिमकर श्याम की “दिल बंजारा” का भावुक विमोचन

Sushmita Mukherjee
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  • “हर माँ एक जैसी, हर दुआ बेइंतहा”
  • रांची में साहित्य की सजी महफ़िल “हिमकर की ग़ज़लें, जज़्बातों की ज़बान”
  • “ग़ज़ल जो सुनी नहीं, महसूस की गई”
  • माँ पर ग़ज़ल, सीधे दिल तक लकीरों से नहीं, मुक़द्दर से जंग, दिल बंजारा बना एहसासों की आवाज़

Dil Banjara : रांची के जिला हाई स्कूल परिसर में आयोजित पुस्तक मेले में शनिवार को ग़ज़ल प्रेमियों के लिए खास मौका बना, जब हिमकर श्याम के ग़ज़ल संग्रह “दिल बंजारा” का विमोचन हुआ। कार्यक्रम में लेखक ने अपनी चुनिंदा ग़ज़लों का सस्वर पाठ कर श्रोताओं को भावनाओं की गहराई तक पहुँचा दिया। माँ को समर्पित पहली ग़ज़ल ने सभागार को संवेदनाओं से भर दिया, वहीं दूसरी ग़ज़ल में समाज और मुक़द्दर से जूझने का साहसिक स्वर सुनाई दिया। साहित्यप्रेमियों और गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी में यह आयोजन ग़ज़ल की ताक़त और संवेदना का उत्सव बन गया। हिमकर श्याम ने अपने उद्बोद्धन में कहा कि दिल बंजारा की गज़लें पाठकों के मन में हल्की-सी संवेदना जगा सकें, तो मैं अपनी लेखनी को सार्थक समझूँगा।

मंच से जब गजलों का सस्वर पाठ होने लगा तब ऐसा लगा जैसे अल्फ़ाज़ ने दिल से बात की ग़ज़लों में माँ, मुक़द्दर और समाज के कई मार्मिक पहलुओं का दर्शन कराये, एहसास कराया कि शब्द अभी भी जिंदा है।

इस मौके पर निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव ने हिमकर श्याम का संक्षिप्त परिचय के साथ उनके हौसले का परिचय दिया। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि किस तरह विपरीत परिस्थितियों को भी हिमकर श्याम ने अपने जीवन का हथियार बना दिया। उसी की परिणति है दिल बंजारा।

प्रोफेसर जंग बहादुर पांडे गजल संग्रह की चर्चा करते हुए कहा कि इसमें 101 गजल है और सभी किसी चांद सितारे से कम नहीं है। उन्होंने मां पर लिखी गई पहले गजल की बहुत ही मार्मिक वर्णन किया और बताया की मां और बाप में क्या अंतर है। उन्होंने कहा कि मां से बड़ा दुनिया में कुछ भी नहीं। माँ पर ग़ज़ल, सीधे दिल तक वार करती है। इस मौके पर चन्द्रिका ठाकुर देशदीप, गिरिजा कोमल, मीरा सोनी, कामेश्वर कुमार सिंह ‘कामेश’, वीणा श्रीवास्तव ने भी हिमकर जी के कई गजलों का पाठ किया। संचालन ममता मनीष सिन्हा और धन्यवाद ज्ञापन आसित कुमार ने किया।

कार्यक्रम में जनकल्याण विकास संस्थान के सचिव विशाल कुमार, अमरेंद्र कुमार, मधुकर श्रीवास्तव, श्रीनिवास, संगीता कुजारा, राकेश रमण, अंजेश कुमार, मीनू मीना सिन्हा, पूनम वर्मा, मधुकर श्याम, शक्ति,रविकर, लता, अक्षिता और संजय वर्मा आदि उपस्थित रहे।

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