- सिनेमा, संगीत और साधना को सलाम, 131 विभूतियों को देश का सर्वोच्च सम्मान
Padma Awards 2026: पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में गिने जाते हैं, जो देश के सामाजिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक जीवन को दिशा देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करते हैं। वर्ष 2026 के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी है, जिसमें कुल 131 हस्तियों को विभिन्न क्षेत्रों में उनके अतुलनीय योगदान के लिए चुना गया है। इस वर्ष 5 लोगों को पद्म विभूषण, 13 को पद्म भूषण और 113 को पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा।
कला जगत के लिए यह वर्ष खास बन गया है क्योंकि दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण से नवाजा गया है। 1960 में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत करने वाले धर्मेंद्र ने भारतीय सिनेमा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। ‘हकीकत’, ‘मेरा गांव मेरा देश’, ‘सीता और गीता’ और ‘यादों की बारात’ जैसी फिल्मों से उन्होंने दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज किया। 300 से अधिक फिल्मों का सफर तय करने वाले धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ उनके निधन के बाद रिलीज हुई।
संगीत और सिनेमा के क्षेत्र में योगदान के लिए अलका याग्निक और मलयालम सिनेमा के सुपरस्टार ममूटी को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। अलका याग्निक की आवाज़ ने हिंदी सिनेमा को भावनाओं की नई पहचान दी, वहीं ममूटी ने अपने अभिनय से भारतीय सिनेमा को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाई।
वहीं पद्म श्री से आर. माधवन, प्रोसेनजीत चटर्जी और दिवंगत सतीश शाह को सम्मानित किया गया है। ये पुरस्कार न सिर्फ उपलब्धियों का सम्मान हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा भी हैं।
