Republic Day 2026: आज भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। हर साल की परेड देश की सैन्य ताकत, सांस्कृतिक विविधता और एकता दिखाती है। लेकिन इस बार ये सिर्फ देखने नहीं, इतिहास रचने वाला पल है। इस बार कई चीजें 77 साल में पहली बार हो रही हैं।
बैटल एरे डिस्प्ले से जंग का लाइव नजारा
अब तक परेड में हथियारों और टैंकों की झलक मिलती थी, लेकिन इस बार युद्ध की लाइव प्रस्तुति दिखाई जाएगी। इसमें दिखेगा कि सैनिक कैसे हमला करते हैं, कैसे दुश्मन पर नजर रखी जाती है, कैसे कम समय में एक्शन लिया जाता है। यानी दर्शक युद्ध को सिर्फ देखेंगे नहीं, महसूस करेंगे।

पहली बार दो चीफ गेस्ट, दुनिया को बड़ा मैसेज
इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में पहली बार दो मुख्य अतिथि आ रहे हैं। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा एक साथ मौजूद रहेंगे। इसका सीधा मतलब है कि भारत और यूरोप के रिश्ते अब काफी मजबूत हो चुके हैं।
पहली बार परेड में भारतीय सिनेमा की झांकी
भारतीय सिनेमा को समर्पित झांकी भी इस बार परेड का हिस्सा होगी। इसका मकसद है, दुनिया को बताना कि भारतीय फिल्में सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की आवाज हैं। इसकी अगुवाई डायरेक्टर संजय लीला भंसाली करेंगे।

दर्शक गैलरी के नाम भी बदले
अब गैलरी-1, गैलरी-2 जैसे नाम नहीं होंगे। इस बार गणतंत्र दिवस पर दर्शक दीर्घा को गंगा, यमुना, नर्मदा, गोदावरी जैसी नदियों के नाम दिए गए हैं। संदेश साफ है देश की तरह परेड भी सभी को साथ लेकर चलने की सोच दिखाएगी।
CRPF की पुरुष टुकड़ी की कमान महिला अफसर के हाथ
इतिहास में पहली बार CRPF की पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व महिला अधिकारी सिमरन बाला करेंगी। यह सिर्फ परेड का हिस्सा नहीं, बल्कि एक बड़ा संदेश है कि भारत में अब नेतृत्व काबिलियत से तय होता है, जेंडर से नहीं।

गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार एनिमल कंटिंजेंट
इस बार परेड में जानवरों की खास टुकड़ी भी मार्च करती दिखेगी। ऊंट, घोड़े और अन्य ट्रेन किए गए जानवर सेना के साथ कदम से कदम मिलाते नजर आएंगे। यह दिखाएगा कि भारतीय सेना की ताकत सिर्फ हथियारों में नहीं, बल्कि प्रशिक्षण और रणनीति में भी है।
