IndiaUSTrade : टैरिफ गेम बदला: भारत को राहत

Bindash Bol

अमेरिका टैरिफ गेम में भारत की बड़ी जीत: PM मोदी ने चीन-पाकिस्तान को कैसे पीछे छोड़ा?

India US Trade :कई महीनों की सख़्त बातचीत, दबाव और कूटनीतिक चालों के बाद भारत ने अमेरिका से वह हासिल कर लिया है, जो एशिया के ज़्यादातर देशों को नहीं मिला। भारत-अमेरिका ट्रेड डील 2026 के तहत अब अमेरिका में भारतीय सामानों पर सिर्फ 18% टैरिफ लगेगा। यह दर चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों से कम है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि भारत अब रूसी तेल का इंपोर्ट बंद कर देगा, हालांकि भारत सरकार की ओर से इस पर अभी तक कोई साफ बयान नहीं आया है। यही वजह है कि यह ट्रेड डील जितनी बड़ी है, उतनी ही रहस्यमयी भी बन गई है। क्या यह PM मोदी की रणनीतिक जीत है?

18% टैरिफ क्यों माना जा रहा है भारत की बड़ी जीत?

पहले अमेरिका ने भारत पर कुल 50% तक टैरिफ लगा दिया था। इसमें 25% पारस्परिक टैरिफ और 25% रूस से तेल खरीदने पर लगाया गया अतिरिक्त शुल्क शामिल था। अब ये दोनों घटाकर सीधा 18% कर दिया गया है। यही वजह है कि भारत की स्थिति अब एशिया में सबसे मज़बूत मानी जा रही है।

कौन-कौन से देश भारत से पीछे रह गए?

अमेरिकी टैरिफ की तुलना करें तो तस्वीर साफ हो जाती है….

चीन: 30–37%
बांग्लादेश: 20%
पाकिस्तान, मलेशिया, थाईलैंड: करीब 19%
वियतनाम: 20%

जबकि भारत सिर्फ 18% पर आ गया है। इससे Indian exports to US अब ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो गए हैं।

क्या भारत सच में रूसी तेल खरीदना बंद करेगा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि भारत अब रूसी तेल का इंपोर्ट बंद कर देगा। लेकिन भारत सरकार ने इस पर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। डील की टाइमलाइन, शर्तें और लागू होने की तारीख अभी भी साफ नहीं हैं, जिससे सस्पेंस और बढ़ जाता है।

PM मोदी ने इस डील को कैसे देखा?

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस समझौते से मेड इन इंडिया उत्पादों को फायदा होगा और दोनों देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे। उन्होंने इसे 1.4 अरब भारतीयों के लिए अच्छी खबर बताया। यह बयान साफ संकेत देता है कि भारत इसे सिर्फ ट्रेड नहीं, बल्कि रणनीतिक बढ़त के तौर पर देख रहा है।

अमेरिका को टैरिफ ज़ीरो करने से भारत को क्या मिलेगा?

अगर भारत अमेरिकी सामानों पर टैरिफ घटाता या शून्य करता है, तो….

  • अमेरिका से निवेश बढ़ेगा
  • टेक्नोलॉजी और कृषि सेक्टर को फायदा होगा
  • भारत की ग्लोबल ट्रेड पोज़िशन मज़बूत होगी यह रणनीति भारत को चीन के विकल्प (China+1 Strategy) के रूप में और मजबूत करती है। लेकिन साथ ही भारतीय बाजार में मुकाबला भी तेज होगा।
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