- “हम दो हमारे 24″मेरे बड़े भाई के हैं 16 बच्चे’
- “हमारी संख्या से लोगों को दिक्कत क्यों?” AIMIM नेता शौकत अली के बयान से सियासी हड़कंप
Shaukat Ali Remarks On Population: मुरादाबाद में आयोजित एक जनसभा के दौरान AIMIM के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने जनसंख्या बढ़ाने को लेकर विवादित बयान दिया। उन्होंने मंच से “हम दो, हमारे दो दर्जन” का नारा देते हुए मुसलमानों से अधिक बच्चे पैदा करने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाए और मॉब लिंचिंग, मदरसों और मुस्लिमों की सुरक्षा को लेकर भी बयान दिए। शौकत अली के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में विवाद तेज हो गया है।
मुरादाबाद में आयोजित एक जनसभा के दौरान ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (AIMIM) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने जनसंख्या को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने मंच से अपनी पार्टी का नया नारा देते हुए कहा, “हम दो, हमारे दो दर्जन”, जिसे लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
मेरे 8 तो मेरे बड़े भाई के 16 बच्चे: शौकत अली
जनसभा को संबोधित करते हुए शौकत अली ने दावा किया कि उनके आठ बच्चे हैं, जबकि उनके बड़े भाई के 16 बच्चे हैं। उन्होंने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि मुसलमानों को ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने चाहिए। शौकत अली ने कहा, “जब अल्लाह दे रहा है तो उसे लेना चाहिए, जब तक देता रहे लेते रहिए। देश में कुछ लोग हमारी बढ़ती आबादी से परेशान हैं, लेकिन आबादी बढ़ेगी तो देश मजबूत होगा।”
सपा नेताओं पर भी साधा निशाना
अपने भाषण के दौरान शौकत अली ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने पूर्व कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि मुरादाबाद में शराब बेचने का काम वही करते हैं। उन्होंने कहा कि गजल बार किसका था, यह सभी जानते हैं। शौकत अली ने आरोप लगाया कि सपा नेता खुद शराब का कारोबार करते हैं और फिर AIMIM पर बीजेपी की ‘बी टीम’ होने का आरोप लगाते हैं।
मॉब लिंचिंग को लेकर क्या बोले AIMIM नेता?
शौकत अली ने मंच से मॉब लिंचिंग और मुस्लिम समुदाय की सुरक्षा को लेकर भी बयान दिए। उन्होंने कहा कि हिंदू संगठनों की महिलाएं भी अब मुस्लिमों के साथ बदतमीजी करने लगी हैं। उन्होंने दावा किया कि मुरादाबाद में कई सौ मदरसों का विस्तार किया गया है, लेकिन फिर भी मदरसों को आतंकवाद का अड्डा बताया जाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम बच्चियों के सार्वजनिक रूप से नकाब खींचे जाते हैं और गोश्त के नाम पर मॉब लिंचिंग की घटनाएं हो रही हैं। शौकत अली ने यह भी कहा कि मुस्लिम समुदाय के लोग ट्रेन और बस में सफर के दौरान भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते और कई बार उनकी दाढ़ी तक नोच ली जाती है। शौकत अली के इन बयानों के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और उनके बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
