BookLeak : पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब ‘Four Stars of Destiny’ आधिकारिक तौर पर प्रकाशित होने से पहले ही विवादों में घिर गई है. किताब की कथित प्री-प्रिंट कॉपी के लीक होने के बाद मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है. बजट सत्र के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस किताब का कई बार जिक्र करने की कोशिश की, जिससे संसद से लेकर सोशल मीडिया तक इस पर बहस तेज हो गई. हालांकि, संसद में अप्रकाशित सामग्री पढ़ने की अनुमति नहीं मिलने के कारण उन्हें रोका भी गया.
इस पूरे मामले पर पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (PRHI) ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि किताब अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है और उसके पब्लिशिंग के एक्सक्लूसिव अधिकार केवल उनके पास हैं. पब्लिशिंग हाउस के अनुसार, कंपनी ने किताब की कोई भी कॉपी—न प्रिंट में, न डिजिटल रूप में—जनता के लिए जारी की है. ऐसे में जो भी वर्जन अभी सर्कुलेशन में दिखाई दे रहे हैं, वे कॉपीराइट का उल्लंघन माने जाएंगे.
पब्लिशर ने चेतावनी दी है कि चाहे किताब की पूरी कॉपी हो या आंशिक अंश, अगर वह प्रिंट, PDF, ऑनलाइन या किसी अन्य फॉर्मेट में प्रसारित की जा रही है तो यह गैरकानूनी है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. बयान में यह भी कहा गया कि किताब के गलत प्रसार को तुरंत रोका जाना चाहिए, अन्यथा जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई होगी.
दिल्ली पुलिस ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पेशल सेल में FIR दर्ज की है. पुलिस के मुताबिक, अप्रूव न हुई पब्लिकेशन के लीक होने और कॉपीराइट उल्लंघन के एंगल से जांच जारी है. पिछले सप्ताह संसद परिसर में राहुल गांधी को किताब की कॉपी दिखाते हुए देखा गया था, जिसके बाद यह मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया. बताया जा रहा है कि 2 फरवरी से वह लोकसभा में इसके अंश पढ़ना चाहते थे, लेकिन चूंकि किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई थी, इसलिए उन्हें ऐसा करने से रोका गया.
इस पूरे घटनाक्रम ने किताब की रिलीज से पहले ही उसे चर्चा के केंद्र में ला दिया है. एक तरफ पब्लिशर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त रुख अपना रहा है, तो दूसरी तरफ राजनीतिक हलकों में भी इसे लेकर बहस जारी है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सामने आता है और किताब की आधिकारिक रिलीज कब होती है.
