* एयर एम्बुलेंस हादसे से लेकर सरकारी खर्च तक के सवालों पर सरकार को घेरने का मौका था, लेकिन विपक्ष के कई विधायक जवाब से ‘संतुष्ट’ होकर बैठ गए।
Jharkhand Politics : झारखंड विधानसभा के हालिया सत्र में विपक्ष की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। सरकार से तीखे सवाल पूछने की जगह कई विधायक जवाब मिलते ही ‘संतुष्ट’ नजर आए।
पहला मामला एयर एम्बुलेंस हादसे से जुड़ा था। भाजपा विधायक शशि भूषण मेहता ने सरकार से सवाल किया, जिसमें नवीन जायसवाल भी पूरक सवालों के जरिए सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन इसी बीच भाजपा के वरिष्ठ विधायक सी.पी. सिंह खड़े हुए और मंत्री के जवाब की तारीफ करते हुए बोले कि जब वे मंत्री थे तब भी ऐसा ही हुआ था। इसके बाद हेलीकॉप्टर और चार्टर प्लेन के खर्च से जुड़ा अहम पूरक सवाल अधूरा रह गया।
दूसरा मामला भाजपा विधायक उज्ज्वल दास का था। उनका सवाल आया, लेकिन उन्होंने खुद ही कह दिया कि उन्हें कोई पूरक सवाल नहीं पूछना है और वे जवाब से संतुष्ट हैं।
तीसरा उदाहरण भाजपा की सहयोगी पार्टी लोजपा के विधायक जर्नादन पासवान का रहा। उनका सवाल भी आया, मगर उन्होंने भी कहा कि वे जवाब से संतुष्ट हैं और आगे कुछ नहीं पूछना चाहते।
इन तीनों घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या झारखंड विधानसभा में विपक्ष सरकार को घेरने के अपने दायित्व को पूरी गंभीरता से निभा रहा है, या फिर सवाल पूछने की औपचारिकता भर पूरी हो रही है।
