Assam Election 2026 : असम विधानसभा चुनाव 2026 के बीच चुनावी माहौल उस वक्त गरमा गया जब झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की स्टार प्रचारक कल्पना सोरेन के हेलीकॉप्टर को प्रशासनिक अनुमति नहीं मिलने के कारण उड़ान भरने से रोक दिया गया। तय चुनावी कार्यक्रम बाधित होने के बावजूद उन्होंने अनोखे अंदाज में जनता तक अपना संदेश पहुंचाया।

हेलीकॉप्टर लैंडिंग पर रोक, कार्यक्रम प्रभावित
रविवार को कल्पना सोरेन को असम के खुमताई, नहरकटिया और मार्गेरीटा विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी सभाओं को संबोधित करना था। लेकिन प्रशासन की ओर से हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर लैंडिंग की अनुमति नहीं दी गई, जिसके कारण वे निर्धारित स्थानों तक नहीं पहुंच सकीं।
इस घटनाक्रम की जानकारी उन्होंने खुद सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करते हुए कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें प्रशासनिक बाधाओं का सामना करना पड़ा।
सड़क मार्ग अपनाया, मोबाइल बना मंच
अनुमति नहीं मिलने के बाद भी कार्यक्रम रद्द नहीं किया गया। कल्पना सोरेन सड़क मार्ग से मार्गेरीटा की ओर रवाना हुईं और रास्ते में खेत में खड़े होकर मोबाइल फोन के जरिए खुमताई और नहरकटिया की जनता को संबोधित किया।
जेएमएम और सहयोगी कार्यकर्ताओं के बीच पहले से तय जनसभा डिजिटल माध्यम से आयोजित हुई, जहां समर्थकों ने लाइव संबोधन सुना।
सत्ता पर लगाया आवाज दबाने का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से अंदेशा था कि चुनाव प्रचार में बाधाएं खड़ी की जा सकती हैं।
उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा—
“रास्ते रोके जा सकते हैं, लेकिन जनता की आवाज नहीं रोकी जा सकती। हेलीकॉप्टर रोका जा सकता है, जनता का इरादा नहीं।”
वोट के जरिए जवाब देने की अपील
कल्पना सोरेन ने मतदाताओं से 9 तारीख को भारी मतदान करने की अपील करते हुए खास तौर पर चाय बागान मजदूरों, आदिवासी समाज, अल्पसंख्यकों, युवाओं और महिलाओं को लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देने का आह्वान किया।
उन्होंने चुनाव को सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि “सम्मान, पहचान, अधिकार और हिस्सेदारी” की लड़ाई बताते हुए कहा कि जिन इलाकों में जनता को दबाने की कोशिश हुई है, वहां मतदाता वोट के जरिए जवाब देंगे।
अंत में उन्होंने जेएमएम के चुनाव चिह्न का उल्लेख करते हुए नारा दिया—
“तीर-धनुष हमारा अभिमान है, हमारी पहचान है और अधिकार की लड़ाई का प्रतीक है।”
