Hemant Soren : असम विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के प्रमुख और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पिछले करीब दस दिनों से पार्टी नेताओं के साथ असम में चुनाव प्रचार में जुटे हैं। इसी बीच सोमवार को उनकी निर्धारित चुनावी सभाओं से पहले प्रशासन ने उनके हेलीकॉप्टर को उड़ान की अनुमति नहीं दी, जिससे उनका कार्यक्रम प्रभावित हुआ।
इससे एक दिन पहले रविवार को उनकी पत्नी और जेएमएम नेता कल्पना सोरेन के हेलीकॉप्टर को भी उड़ान भरने की अनुमति नहीं मिली थी। अनुमति नहीं मिलने के कारण कल्पना सोरेन तीन निर्धारित सभाओं में से केवल एक को ही संबोधित कर पाईं। उन्होंने इस कार्रवाई को असम सरकार की साजिश बताते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों में बाधा बताया था।
हेमंत सोरेन ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए कहा कि असम की “वीर और क्रांतिकारी धरती” पर लोकतंत्र की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले कल्पना सोरेन को सभा से रोका गया और अब उन्हें रोंगोनदी और चाबुआ विधानसभा क्षेत्रों की जनता से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या संवैधानिक संस्थाओं का उपयोग कर ऐसे कदमों से “तीर-धनुष” की राजनीतिक ताकत को रोका जा सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित असम दौरे को देखते हुए सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रशासन ने हेलीकॉप्टर उड़ान की अनुमति नहीं दी।
हालांकि अनुमति नहीं मिलने के बावजूद हेमंत सोरेन ने हार नहीं मानी और मोबाइल फोन के माध्यम से ही कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है—जब भी किसी आवाज को दबाने की कोशिश की गई है, वह और अधिक मजबूती के साथ उभरकर सामने आई है।
इस घटनाक्रम के बाद असम चुनाव प्रचार में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
Hemant Soren : कल्पना के बाद अब CM हेमंत के हेलीकॉप्टर को असम में उड़ने की नहीं मिली अनुमति, मोबाइल फोन से सभा को किया संबोधित
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