Modi Diplomacy : कूटनीति यानी Diplomacy सिर्फ बयान या समझौते नहीं होते, बल्कि बिना शोर किए राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित रखने की कला होती है। आज वैश्विक तनाव के बीच भारत जिस तरह अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है, उसे कई विशेषज्ञ आधुनिक कूटनीति का उदाहरण मान रहे हैं।
आखिर Strait of Hormuz में क्या हो रहा है?
दुनिया की सबसे संवेदनशील समुद्री जलधाराओं में से एक Strait of Hormuz से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण पूरी दुनिया इस मार्ग को लेकर चिंतित है।
इसी बीच भारत के तिरंगे वाले दो जहाज़ — Green Sanvi और Green Asha — क्रमशः लगभग 46,000 और 16,000 मीट्रिक टन LPG लेकर सुरक्षित रूप से इस समुद्री मार्ग को पार करते हुए मुंबई की ओर बढ़े।
विशेष बात यह मानी जा रही है कि ऐसे जहाज़ नियमित अंतराल पर सुरक्षित रूप से निकल रहे हैं, जिससे भारत की ऊर्जा सप्लाई प्रभावित नहीं हो रही।
भारत को मिल रहा अलग व्यवहार?
विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों में कुछ देशों के जहाज़ों को प्रतिबंध या देरी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि भारत की ऊर्जा आपूर्ति अपेक्षाकृत सुचारु बनी हुई है।
इससे संकेत मिलता है कि भारत ने पश्चिम एशिया के प्रमुख देशों के साथ संतुलित संबंध स्थापित किए हैं — जहां संवाद, विश्वास और रणनीतिक संतुलन एक साथ काम कर रहे हैं।
कूटनीति का असली अर्थ
कूटनीति का मतलब यही है कि संकट के समय भी राष्ट्रीय हित सुरक्षित रहें ….
* बिना टकराव के संबंध बनाए रखना
* सभी पक्षों से संवाद बनाए रखना
* ऊर्जा, व्यापार और सुरक्षा को संतुलित रखना
भारत की विदेश नीति पिछले वर्षों में multi-alignment strategy यानी सभी प्रमुख शक्तियों से समान दूरी और समान सहयोग की नीति पर आधारित रही है।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बढ़ती उपस्थिति, पश्चिम एशिया से लेकर अमेरिका, रूस और यूरोप तक संतुलित रिश्ते, और ऊर्जा सुरक्षा पर लगातार ध्यान — इन सबने भारत को वैश्विक राजनीति में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बना दिया है।
कई अंतरराष्ट्रीय सर्वे और जनमत आकलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकप्रिय वैश्विक नेताओं में गिना जाता है, जिसका एक कारण सक्रिय कूटनीतिक रणनीति भी मानी जाती है।
Strait of Hormuz जैसे संवेदनशील क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति का लगातार सुरक्षित रहना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि आधुनिक दौर में शक्ति सिर्फ सैन्य ताकत से नहीं, बल्कि प्रभावी कूटनीति, भरोसेमंद रिश्तों और रणनीतिक संतुलन से बनती है।
यही है कूटनीति — जहां बिना शोर किए राष्ट्रीय हित सुरक्षित रहते हैं।
