* जेटेट नियमावली से मगही-भोजपुरी और अंगिका भाषा बाहर
Jharkhand Cabinet: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित कैबिनेट की बैठक राज्य की राजनीति और बुनियादी ढांचे के लिहाज से बेहद अहम रही। इस बैठक में कुल 15 प्रस्तावों पर मुहर लगी, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा ‘शिक्षक पात्रता परीक्षा’ (JTET) नियमावली और राजधानी में यातायात सुधार के लिए मंजूर किए गए भारी-भरकम बजट की हो रही है।
1. भाषा विवाद: जेटेट (JTET) से तीन भाषाएं बाहर, कैबिनेट में दिखी तल्खी
कैबिनेट ने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली-2026 को घटनोत्तर स्वीकृति दे दी है। इस फैसले की सबसे बड़ी खबर यह है कि फिलहाल मगही, भोजपुरी और अंगिका को क्षेत्रीय भाषाओं की सूची से बाहर ही रखा गया है।
* मंत्रियों की नाराजगी: इस फैसले से कैबिनेट के भीतर असंतोष के स्वर उभरे। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इन भाषाओं को शामिल न किए जाने पर आपत्ति जताई। आपको याद होगा पहले वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने भी इस पर प्रश्न उठाए थे। हालांकि वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की तबीयत ठीक नहीं होने की खबर है। वह इन दोनों हॉस्पिटलाइज्ड है।
* समाधान का रास्ता: विवाद को बढ़ता देख मुख्यमंत्री ने एक विशेष समिति के गठन का निर्देश दिया है। यह समिति इन भाषाओं को क्षेत्रीय सूची में शामिल करने के तमाम पहलुओं पर विचार करेगी और उसी की रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
2. रांची की बदलती सूरत: दो नए फ्लाईओवर को हरी झंडी
राजधानी रांची में जाम की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने दो बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है, जिस पर लगभग 820 करोड़ रुपये खर्च होंगे…
अशोक नगर और हरमू की राह होगी आसान
* प्रोजेक्ट: अरगोड़ा चौक से हरमू चौक (कॉव रेस्टोरेंट से डीबडीह ब्रिज तक) एलिवेटेड रोड।
* लागत: ₹469.62 करोड़।
* खासियत: इसमें कटहल मोड़ और अशोक नगर (रोड नंबर 3) की ओर जाने वाली शाखाएं (Arm) और सर्विस रोड भी शामिल होंगे
करमटोली से साइंस सिटी तक का सफर
* प्रोजेक्ट: करमटोली से साइंस सिटी तक फ्लाईओवर।
* दूरी: 3.216 किमी (सर्विस रोड सहित)।
* लागत: ₹351.14 करोड़।
* विविध: इस राशि में जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition), यूटिलिटी शिफ्टिंग और वृक्षारोपण का खर्च भी शामिल है।
3. शिक्षा और छात्रवृत्ति: सपनों को मिलेगी ‘विदेशी’ उड़ान
सरकार ने मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा परदेशीय छात्रवृत्ति योजना का दायरा बढ़ाकर अब 50 छात्र-छात्राओं को हर साल विदेश भेजने का फैसला किया है।
साथ ही, पलामू में चार ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ खोलने और राज्य में स्टेट स्कूल स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी के गठन को भी मंजूरी दी गई है।
4. सांस्कृतिक पहचान और अन्य फैसले
* नाम में बदलाव: गढ़वा जिले के ‘श्री बंशीधर नगर’ अनुमंडल का नाम अब बदलकर ‘श्री बंशीधर नगर उंटारी’ कर दिया गया है।
* ग्रामीण बुनियादी ढांचा: मुख्यमंत्री ग्राम सड़क और ग्राम सेतु योजना के तहत कई नए पुलों और रास्तों के निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
एक ओर जहां सरकार ने रांची को ‘स्मार्ट ट्रैफिक’ की ओर ले जाने वाले फ्लाईओवर की सौगात दी है, वहीं क्षेत्रीय भाषाओं के चयन पर उपजा विवाद आगामी समय में राजनीतिक मोड़ ले सकता है। समिति के गठन का निर्णय फिलहाल ‘डैमेज कंट्रोल’ के रूप में देखा जा रहा है।