* बंगाल में कौन बनेगा BJP का पहला मुख्यमंत्री, दो महिलाओं समेत ये 6 प्रबल दावेदार
मानव बोस
West Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में BJP प्रचंड जीत की ओर बढ़ती दिख रही है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जीत के बाद पार्टी राज्य की कमान किसे सौंपेगी और मुख्यमंत्री कौन बनेगा। आमतौर पर BJP राज्य चुनावों में पहले से मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं करती। इस बार भी पार्टी ने चुनाव में सीएम के लिए किसी भी नाम का जिक्र नहीं किया। हालांकि, इतना संकेत जरूर दिया कि नया मुख्यमंत्री बंगाल की धरती से ही होगा।
बंगाल में ‘स्थानीय CM’ का वादा
चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि अगर BJP सत्ता में आती है, तो मुख्यमंत्री कोई ‘बंगाली’ ही होगा। वहीं सुकांत मजुमदार ने यह भी कहा कि अगला CM ‘मांसाहारी’ होगा, यानी स्थानीय संस्कृति से जुड़ा चेहरा।
महिला मुख्यमंत्री पर भी विचार
BJP ने इस चुनाव में महिलाओं की सुरक्षा को बड़ा मुद्दा बनाया। इसी वजह से यह संभावना जताई जा रही है कि पार्टी एक महिला मुख्यमंत्री भी चुन सकती है। अभी दिल्ली को छोड़कर किसी राज्य में BJP की महिला CM नहीं है, इसलिए यह पार्टी की रणनीतिक चाल भी हो सकती है। आइए जानते हैं मुख्यमंत्री पद के 6 सबसे प्रबल दावेदारों को।
1- सुवेंदु अधिकारी
सुवेंदु अधिकारी सबसे मजबूत दावेदारों में माने जा रहे हैं।
पहले ममता बनर्जी के करीबी रहे 2021 में नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराया मजबूत संगठन और जमीनी पकड़
हालांकि, नारदा स्टिंग केस उनका रास्ता मुश्किल बना सकता है।
2- दिलीप घोष
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष
2021 में BJP को मुख्य विपक्षी दल बनाने में बड़ी भूमिका अभी भी पार्टी में प्रभावशाली चेहरा
3- समिक भट्टाचार्य
मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष
संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका
सभी को साथ लेकर चलने वाले नेता
4- अग्निमित्रा पॉल
पेशे से फैशन डिजाइनर
बेबाक नेता और मजबूत महिला चेहरा
महिला CM विकल्प के तौर पर प्रमुख नाम
5- रूपा गांगुली
पूर्व राज्यसभा सांसद
‘महाभारत’ में द्रौपदी के रोल से लोकप्रिय
महिला मोर्चा में सक्रिय भूमिका
जनाधार और पहचान दोनों मजबूत
6- निशिथ प्रमाणिक
युवा नेता
संगठन में सक्रिय भूमिका
CM रेस में उभरता नाम
फैसला किसके हाथ में?
आखिरकार, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री का फैसला नरेन्द्र मोदी और अमित शाह की रणनीति पर ही निर्भर करेगा। पार्टी संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और राजनीतिक संदेश को ध्यान में रखकर अंतिम निर्णय ले सकती है।