Sourav Ganguly : भारतीय क्रिकेट के ‘दादा’ को मिला सबसे बड़ा सम्मान, ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल होंगे सौरव गांगुली

Bindash Bol

Sourav Ganguly : भारतीय  क्रिकेट के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के शानदार करियर में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। क्रिकेट जगत के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में शुमार ICC हॉल ऑफ फेम में अब ‘दादा’ का नाम भी शामिल होगा। 11 जुलाई को आयोजित होने वाले ICC के विशेष समारोह में उन्हें आधिकारिक तौर पर इस सम्मान से नवाजा जाएगा। इसके साथ ही गांगुली ICC हॉल ऑफ फेम में जगह बनाने वाले भारत के चुनिंदा महान क्रिकेटरों की सूची में शामिल हो जाएंगे।

सम्मान मिलने पर जताई खुशी

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सौरव गांगुली ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी खुशी साझा की। उन्होंने ICC और उसके चेयरमैन जय शाह का आभार व्यक्त करते हुए लिखा कि हॉल ऑफ फेम में शामिल होना उनके लिए बेहद सम्मान और गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट के महान खिलाड़ियों के बीच अपना नाम देखना किसी सपने के सच होने जैसा है।

भारतीय क्रिकेट की बदल दी तस्वीर

सौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली कप्तानों में गिना जाता है। उन्होंने केवल रन ही नहीं बनाए, बल्कि भारतीय टीम में आक्रामक सोच, आत्मविश्वास और विदेशी सरजमीं पर जीत का जज्बा भी पैदा किया। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने नई पहचान बनाई और कई युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमकने का अवसर मिला।

आंकड़े जो महानता की कहानी कहते हैं

गांगुली ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में तीनों प्रारूपों को मिलाकर 18,575 रन बनाए और 38 शतक जड़े।

* टेस्ट क्रिकेट: 113 मैच, 7,212 रन, औसत 42.17, 16 शतक

* वनडे क्रिकेट: 311 मैच, 11,363 रन, औसत 41.02, 22 शतक

उनकी बल्लेबाजी जितनी शानदार रही, उतनी ही यादगार उनकी कप्तानी भी रही।

संन्यास के बाद भी क्रिकेट की सेवा

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी सौरव गांगुली खेल से लगातार जुड़े रहे। वह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष रह चुके हैं। वर्तमान में वह क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष हैं और SA20 लीग की टीम प्रिटोरिया कैपिटल्स के मुख्य कोच की भूमिका निभा रहे हैं। उनके नेतृत्व में टीम पिछले सीजन फाइनल तक पहुंची थी।
ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल होना सौरव गांगुली के शानदार क्रिकेट करियर, उनके नेतृत्व और भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में दिए गए अमूल्य योगदान का वैश्विक सम्मान है। ‘दादा’ की यह उपलब्धि हर भारतीय क्रिकेट प्रेमी के लिए गर्व का विषय है।

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