Suvendu Adhikari : पश्चिम बंगाल की राजनीति में अब टकराव खुलकर सामने आ गया है। मुर्शिदाबाद की धरती से मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने ऐसा राजनीतिक संदेश दिया जिसने सियासी पारा चढ़ा दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि “मुझे ममता बनर्जी की तरह कमजोर और डरपोक मुख्यमंत्री समझने की भूल मत करना।”
सुवेंदु अधिकारी ने बिना नाम लिए टीएमसी के पूर्व विधायक और वर्तमान AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर पर तीखा हमला बोला। हाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं को लेकर दिए गए विवादित और कथित धमकी भरे बयान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों की गैर-जिम्मेदाराना और भड़काऊ भाषा अब किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुर्शिदाबाद से सीधा संदेश— कानून से ऊपर कोई नहीं
रेजिनगर में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान के खिलाफ माहौल बिगाड़ने, सांप्रदायिक तनाव फैलाने और लोगों को भड़काने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने स्थानीय विधायक को भी नसीहत दी कि बोलने से पहले संविधान और कानून का सम्मान करना सीखें।
CAA-वक्फ हिंसा पर भी बरसे
अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद में सुवेंदु अधिकारी ने पूर्ववर्ती टीएमसी सरकार पर आरोप लगाया कि CAA विरोध और वक्फ कानून के नाम पर हुई हिंसा को राजनीतिक संरक्षण दिया गया। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार विकास की राजनीति करेगी, न कि हिंदू-मुस्लिम के नाम पर समाज को बांटने की।
“TMC ने गरीबों का हक लूटा”
प्रधानमंत्री आवास योजना का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार ने गरीबों के घरों का पैसा हड़प लिया। उन्होंने घोषणा की कि उनकी सरकार 25 लाख नए ग्रामीण आवास बनाएगी। साथ ही सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन सौंपने, नया आपराधिक कानून लागू करने और जनगणना शुरू कराने को अपनी सरकार की उपलब्धियां बताया।
ममता पर फिर बड़ा हमला
एक दिन पहले भी सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता गंवाने के बाद भी ममता बनर्जी तुष्टीकरण, उकसावे और वोट बैंक की राजनीति छोड़ने को तैयार नहीं हैं।
बारुईपुर हिंसा का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पुलिस पर हमला करने, सरकारी संपत्ति जलाने और एक निर्दोष युवक की पीट-पीटकर हत्या करने वालों को सिर्फ “प्रदर्शनकारी” कहा जा सकता है?
“भीड़ की गुंडागर्दी अब नहीं चलेगी”
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि उनकी सरकार दुष्कर्म, मॉब लिंचिंग, सांप्रदायिक हिंसा और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगी। उन्होंने कहा कि अब भीड़ की आड़ में अपराध करने वालों का दौर खत्म हो चुका है। कानून अपना काम करेगा और हर अपराधी को सजा मिलेगी।