Mojtaba Khamenei :’शहीद पिता के खून का हिसाब लेकर रहेंगे’ — मोजतबा खामेनेई की हुंकार, अमेरिका-इजरायल को खुली चेतावनी!

Bindash Bol

Mojtaba Khamenei : ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने पहली बार राष्ट्र को संबोधित करते हुए अमेरिका और इजरायल के खिलाफ बेहद सख्त तेवर दिखाए। अपने दिवंगत पिता अयातुल्लाह अली खामेनेई को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि “निर्दोष पिता और हालिया युद्ध में मारे गए सभी शहीदों के खून का हिसाब लिया जाएगा। प्रतिशोध केवल मेरा नहीं, पूरी ईरानी अवाम का संकल्प है।”

शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा’

मोजतबा खामेनेई ने तेहरान, कोम, मशहद, नजफ और कर्बला समेत कई शहरों में अंतिम विदाई में उमड़ी भारी भीड़ का आभार जताया। उन्होंने इसे ईरानी जनता की एकजुटता और विरोधियों के लिए स्पष्ट संदेश बताया।
उन्होंने कहा कि ईरान की इस्लामिक क्रांति की बुनियाद इमाम हुसैन के संघर्ष और बलिदान की विचारधारा पर टिकी है, और उनके पिता ने जीवनभर उसी मार्ग का अनुसरण किया।

‘पिता ने जिस राह पर जान दी, उसी राह पर आगे बढ़ेंगे’

भावुक अंदाज में मोजतबा ने कहा कि उनके पिता ने केवल इमाम हुसैन की शिक्षाओं का पालन नहीं किया, बल्कि अंततः उसी विचार के लिए अपना जीवन भी न्योछावर कर दिया। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान अपने शहीदों को कभी नहीं भूलेगा और उनकी कुर्बानी का जवाब दिया जाएगा।

बयान के बाद बढ़ा क्षेत्रीय तनाव

मोजतबा खामेनेई का यह संबोधन ऐसे समय आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है। उनके कड़े संदेश के बाद पश्चिम एशिया में एक बार फिर टकराव की आशंकाएं तेज हो गई हैं।

ट्रंप की भी तीखी चेतावनी

उधर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर कड़ा संदेश जारी किया। ट्रंप ने दावा किया कि यदि उनके खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई की गई, तो अमेरिका ईरान पर व्यापक सैन्य जवाब देने के लिए तैयार है।
ट्रंप ने लिखा कि यदि ईरान उनकी हत्या या हत्या की कोशिश जैसी किसी धमकी को अमल में लाता है, तो “1,000 मिसाइलें पहले से तैयार हैं और उसके बाद हजारों और मिसाइलें दागी जाएंगी।”

मध्य पूर्व में बढ़ी बेचैनी

एक तरफ ईरान के नए सुप्रीम लीडर का प्रतिशोध का संकल्प, तो दूसरी तरफ अमेरिका की खुली सैन्य चेतावनी—इन बयानों ने पूरे मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा दिया है। अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि यह जुबानी जंग आगे कूटनीति तक सीमित रहती है या नया सैन्य टकराव जन्म लेता है।

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