Vishwakarma Mandir :देशभर में विश्वकर्मा जयंती की धूम के बीच, जहाँ एक ओर कारखानों, दफ्तरों और घरों में औजारों-मशीनों की पूजा की जाती है, वहीं दूसरी ओर दुनिया के पहले इंजीनियर भगवान विश्वकर्मा के कई ऐतिहासिक और चमत्कारी मंदिर देश की आस्था का मुख्य केंद्र हैं। इन पावन धामों में केवल कारीगर और इंजीनियर ही नहीं, बल्कि तकनीक, शिल्प और निर्माण से जुड़े हर वर्ग के लोग अपनी कला में सफलता और उन्नति का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं।
1. गुवाहाटी का प्राचीन मंदिर (असम)
* विशेषता: मां कामाख्या देवी मंदिर के तल भाग में स्थित यह मंदिर दुनियाभर में भगवान विश्वकर्मा का सबसे पुराना मंदिर माना जाता है।
* इतिहास: इस मंदिर का जीर्णोद्धार वर्ष 1965 में कामाख्या मंदिर के पुजारियों द्वारा महावीर प्रसाद के सहयोग से कराया गया था।
* महत्व: हर वर्ष 17 सितंबर को यहाँ भव्य आयोजन होता है। पूर्वी भारत में इस पावन स्थल पर विशेष उत्साह देखा जाता है।
2. फगवाड़ा का सर्वशक्तिमान मंदिर (पंजाब)
* विशेषता: कपूरथला जिले के फगवाड़ा (बंगा रोड, गोंसपुर) में सफेद संगमरमर से बना यह बेहद भव्य और ऐतिहासिक मंदिर स्थित है।
* इतिहास: इस मंदिर के निर्माण की शुरुआत सन 1909 में पंडित नत्थू राम धीमान मंढाली वालों ने की थी, जिसके लिए कपूरथला के महाराजा ने भूमि दान दी थी। यहाँ सन 1911 में मूर्ति की स्थापना की गई थी।
* महत्व: यहाँ देश-विदेश से इंजीनियर, शिल्पकार और कारीगर आकर विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।
3. दिल्ली का ऐतिहासिक पहाड़गंज मंदिर (नई दिल्ली)
* विशेषता: राजधानी के पहाड़गंज में स्थित यह भगवान विश्वकर्मा का सबसे लोकप्रिय मंदिर है।
* पौराणिक संदर्भ: माना जाता है कि इसकी नींव पांडवों के समय की है। महाभारत काल में इंद्रप्रस्थ के निर्माण के दौरान मय दानव (विश्वकर्मा जी के पुत्र) ने इस स्थान का उपयोग किया था।
* खासियत: परिसर में एक अति प्राचीन गहरा कुआँ और पुराना पीपल का पेड़ मौजूद है, जहाँ जयंती पर भक्तों का तांता लगा रहता है।
4. जोधपुर का पंचमुखी विश्वकर्मा मंदिर (राजस्थान)
* विशेषता: डांगियावास क्षेत्र में स्थित यह मंदिर भगवान विश्वकर्मा के पाँच दिव्य रूपों और मुखों (सृजन, कला और निर्माण के विभिन्न आयामों) को समर्पित है।
* महत्व: ब्रह्मांड के आदि आचार्य और दिव्य वास्तुकार माने जाने वाले भगवान विश्वकर्मा को यहाँ परिश्रम और ईमानदारी का प्रेरणास्त्रोत मानकर व्यवसायी तरक्की की प्रार्थना करते हैं।
5. मुंबई का मन्नत मंदिर (महाराष्ट्र)
* विशेषता: कांदिवली ईस्ट (हनुमान नगर) में स्थित श्री विश्वकर्मा मंदिर स्थानीय शिल्पकारों और कारीगरों के बीच गहरी आस्था का केंद्र है।
* महत्व: मुंबई जैसे महानगर में किराए के घरों में रहने वाले लोग यहाँ अपना खुद का मकान बनवाने की विशेष मन्नत मांगते हैं। साथ ही लोहार, बढ़ई और इंजीनियर अपने औजारों की जीविका के लिए आशीर्वाद लेते हैं।
6. खरगोन और सागर के अनोखे धाम (मध्य प्रदेश)
* विशेषता: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले का मंदिर इस मायने में अनूठा है कि यहाँ साल में दो बार भगवान विश्वकर्मा का जन्मोत्सव मनाया जाता है। पौराणिक मान्यता है कि माघ माह की त्रयोदशी तिथि को उनका प्राकट्य हुआ था। इसके अलावा सागर जिले के सदर क्षेत्र में भी श्री भगवान विश्वकर्मा का प्रसिद्ध मंदिर है।
