Data Consumption : ​”चूहों ने नहीं, बिहार के ‘रील प्रेमियों’ ने खा लिया इतना डेटा! जानकर चौंक जाएंगे आप…”

Bindash Bol

* “प्यार और मोहब्बत की बात पुरानी हुई… अब तो डेटा और रील्स पर फिदा है बिहार का दिल!”

* रील्स और डेटा का नया किंग: कम फोन कनेक्शन के बावजूद इंटरनेट की खपत में बिहार ने पूरे देश को पीछे छोड़ा!

Data Consumption :आज के दौर में स्मार्टफोन हमारी हथेली की ऐसी दुनिया बन चुके हैं, जहां से नजरें हटाना मुश्किल होता जा रहा है। घंटों रील्स स्क्रॉल करना, वीडियो स्ट्रीम करना और सोशल मीडिया पर एक्टिव रहना हमारी आदत का हिस्सा बन गया है। इस डिजिटल बूम के बीच ट्राई (TRAI) के ताजा आंकड़े हैरान करने वाले भी हैं और दिलचस्प भी।

बिहार बना देश का ‘डेटा चैंपियन’

​दूरसंचार नियामक ट्राई के आंकड़ों के मुताबिक, कम टेली-डेंसिटी (आबादी के अनुपात में सबसे कम फोन कनेक्शन) होने के बावजूद बिहार रोजाना डेटा खपत के मामले में पूरे देश में नंबर वन पर पहुंच गया है।

* ​बिहार: ~49.1 पेटाबाइट (लगभग 5 करोड़ 14 लाख जीबी) रोजाना

* ​महाराष्ट्र: ~48.7 पेटाबाइट (दूसरा स्थान)

* ​उत्तर प्रदेश (पूर्वी क्षेत्र): ~42.31 पेटाबाइट (तीसरा स्थान)

* ​गुजरात और मध्य प्रदेश: क्रमशः चौथे और पांचवें स्थान पर


​इससे साफ है कि बिहार में जितने भी लोगों के पास इंटरनेट की पहुंच है, वे इसका भरपूर इस्तेमाल कर रहे हैं और जमकर वीडियो व रील्स का लुत्फ उठा रहे हैं।

सबसे ज्यादा डेटा कहां उड़ रहा है?

​भारत के इंटरनेट यूजर्स की पसंद और डेटा खपत का गणित कुछ इस तरह है..

* ​यूट्यूब (24.3%): देश की कुल डेटा खपत का लगभग एक चौथाई हिस्सा अकेले यूट्यूब पर वीडियो देखने में खर्च होता है।

* इंस्टाग्रम (21.7%): रील्स का क्रेज इस कदर हावी है कि इंस्टाग्राम दूसरे नंबर पर मजबूती से जमा हुआ है।

* ​फेसबुक (17.5%): यह प्लेटफॉर्म तीसरे स्थान पर है।

* ​अन्य गतिविधियां: गूगल सर्च (5.2%) और वॉट्सऐप (3.5%) का नंबर इसके बाद आता है।

​डेटा तेजी से खत्म होने के पीछे मुख्य रूप से वीडियो स्ट्रीमिंग (यूट्यूब-नेटफ्लिक्स), सोशल मीडिया रील्स, और ऐप्स के ऑटो-अपडेट जैसी वजहें शामिल हैं।

भविष्य की तस्वीर: 37 जीबी से 70 जीबी तक पहुंचेगा डेटा इस्तेमाल

​एरिक्सन की मोबिलिटी रिपोर्ट के अनुसार, भारत में एक स्मार्टफोन यूजर औसतन हर महीने 37 जीबी डेटा खर्च कर रहा है, जो अगले 5 सालों में बढ़कर 70 जीबी तक पहुंच सकता है। सस्ते 5G डिवाइस और बेहतर नेटवर्क की वजह से देश में 5G का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है और 2031 तक इसके करोड़ों में पहुंचने की उम्मीद है।

भारत में अब इंटरनेट सिर्फ बातचीत या कनेक्टिविटी का जरिया नहीं रहा, बल्कि यह मनोरंजन, सोशल मीडिया और डिजिटल लाइफस्टाइल का सबसे बड़ा सेंटर बन चुका है।

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