दिनांक: 26 अक्टूबर 2026
स्थान: कैंब्रियन पब्लिक स्कूल, काठीटांड, रांची
Cambrian Public School: कैंब्रियन पब्लिक स्कूल, काठीटांड में दिनांक 26 अक्टूबर 2026 को एमवर्सिटी (MUniversity), रांची के सहयोग से एक विशेष जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘अचानक हृदय गति रुकने पर प्राथमिक उपचार एवं जीवन रक्षक कौशल’ था। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को सीपीआर (CPR) का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के साथ-साथ बालिकाओं के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता एवं स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी सत्र आयोजित किए गए।
कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण..
* सक्रिय सहभागिता: विद्यालय के १०वीं, ११वीं और १२वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने इस कार्यशाला में अत्यंत उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
* विशेषज्ञ प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन: एमवर्सिटी, रांची से पधारे विशेषज्ञ प्रशिक्षकों—सुरभि, दिवाकर, अंजलि, गजाला राजीव और अमरेंद्र ने विद्यार्थियों को विभिन्न जीवन रक्षक विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।
* सीपीआर (CPR) का व्यावहारिक प्रदर्शन:प्रशिक्षण सत्र के दौरान आपातकालीन परिस्थितियों (जैसे अचानक हृदय गति रुकने) में तत्काल सहायता के महत्व को समझाया गया।प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में विद्यालय के छात्र तन्मय एवं छात्रा सरगम द्वारा सीपीआर देने की प्रक्रिया और उसके सही तरीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन (Practical Demonstration) किया गया।
* प्रशिक्षकों ने इस बात पर जोर दिया कि आपात स्थिति में समय पर और सही प्राथमिक सहायता मिलने से किसी व्यक्ति की बहुमूल्य जान बचाई जा सकती है। इससे विद्यार्थियों में आपातकाल के समय जिम्मेदारी पूर्वक प्रतिक्रिया देने का आत्मविश्वास जागा।
व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वास्थ्य सत्र
* कार्यक्रम के दूसरे महत्वपूर्ण सत्र में विशेष तौर पर बालिकाओं के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता (Personal Hygiene) और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श सत्र आयोजित किए गए, जो उनके दैनिक जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी रहे।
विद्यालय प्रबंधन की प्रतिक्रिया
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्राचार्य श्री संजय मिश्रा ने इस आयोजन को छात्र-छात्राओं और पूरे समाज के लिए बेहद उपयोगी एवं सराहनीय बताया। उन्होंने एमवर्सिटी के सभी प्रशिक्षकों तथा विद्यालय के छात्र-छात्राओं को इस कार्यशाला की अभूतपूर्व सफलता के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
यह कार्यशाला विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए व्यावहारिक कौशल विकसित करने की दिशा में एक बेहद सार्थक कदम साबित हुई।