* एशियाई हॉकी में भारत का दबदबा बरकरार, जापान को 4-1 से हराकर 6वीं बार बना चैंपियन
Asian Champions Trophy : भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया. फाइनल में भारत ने जापान को 4-1 से हराकर रिकॉर्ड छठा खिताब अपने नाम किया. ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम, मोहाली में खेले गए मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार तीसरी बार ये ट्रॉफी जीती. इस मैच में जापान काफी दूसरे क्वार्टर तक 1-0 से आगे था. तीसरे मिनट में काजुमासा मात्सुमोतो के गोल से जापान 1-0 से आगे निकल गया लेकिन फिर तीसरे क्वार्टर से भारत ने पूरा मैच पलट दिया.
शिलानंद लाकड़ा का कमाल
तीसरे क्वार्टर में शिलानंद लाकड़ा ने बराबरी का गोल किया और स्कोर 1-1 हो गया. चौथे क्वार्टर में भारत ने बाजी पलट दी. 48वें मिनट में दिलप्रीत सिंह ने शानदार गोल कर टीम को 2-1 की बढ़त दिलाई. इसके कुछ मिनट बाद जुगरेज सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर से तीसरा गोल किया और फिर विवेक सागर प्रसाद ने ताकतवर शॉट से चौथा गोल करके स्कोर 4-1 कर दिया. फाइनल व्हिसल बजने तक स्कोर 4-1 ही रहा और इस तरह भारत ने एक भी मैच गंवाए बिना ये टूर्नामेंट अपने नाम कर लिया.
भारतीय टीम रही अजेय
भारत ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के लीग राउंड में सभी पांच मैच जीते थे. इसके बाद सेमीफाइनल में भारत ने दक्षिण कोरिया को 8-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी. जापान ने भारत को फाइनल में चुनौती दी लेकिन वो टीम इंडिया को रोक ना पाया. इस जीत के साथ भारत ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में अपना दबदबा कायम रखा. भारत ने ये टूर्नामेंट 2011, 2016, 2018, 2023 और 2024 में ये खिताब जीता था, अब 2026 में भी भारत चैंपियन बना है.
शिलानंद बने प्लेयर ऑफ द मैच
शिलानंद लाकड़ा को फाइनल की जीत का हीरो करार दिया गया. ओडिशा के इस खिलाड़ी ने अपने करियर में कमाल प्रदर्शन किया है. 2018 में उन्होंने सुल्तान अजलान शाह कप में टीम इंडिया के साथ डेब्यू किया था. उन्हें घुटने की गंभीर चोट भी लगी है जिससे उबरकर उन्होंने वापसी की. वो 2025 एशिया कप विजेता टीम का हिस्सा रहे और इसी साल एशियन गेम्स स्वर्ण पदक विजेता टीम में भी वो शामिल रहे.