Jharkhand Budget Session 2025: झारखंड बजट सत्र का शुक्रवार को चौथा दिन है। आज सदन में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा। वहीं, गुरुवार को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन में 2024-25 का 5508 करोड़ का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया।
बजट में सबसे ज्यादा राशि ऊर्जा विभाग के लिए 971 करोड़, ग्रामीण कार्य के लिए 873 करोड़, आपदा प्रबंधन के लिए 502 करोड़, पेंशन के लिए 500 करोड़ लिए गए हैं।
इधर, मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की राशि का इंतजार कर रही महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। सरकार 15 मार्च यानी होली तक खाते में जनवरी-फरवरी के 5000 रु. भेज देगी।
बजट सत्र बालू पर फिर गरमाया सदन वहीं, विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को भी बालू पर सदन का माहौल गर्म रहा। भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि राज्य में बालू का खेल निराला है। इसमें कई आईएएस और झारखंड प्रशासनिक सेवा (झाप्रसे) के अधिकारी भी शामिल हैं। इन अफसरों को नेताओं का आशीर्वाद प्राप्त है। ऐसे अफसरों को दंडित किया जाना चाहिए।
राज्यपाल के अभिभाषण के विरोध में बोलते हुए उन्होंने कहा कि जबसे बालू जिम्मेदारी झारखंड स्टेट मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (जेएसएमडीसी) को मिली है, तबसे बहाना बनाकर टेंडर फाइनल नहीं होने दिया जा रहा।
जेएसएमडीसी ने 2019 में टेंडर निकाला। दो साल यह ठंडे बस्ते में रहा। 2021 में इसे रद्द कर दिया गया। फिर 2021 में 150 लोगों को शॉर्टलिस्ट किया गया कि ये ही बालू के टेंडर में हिस्सा लेंगे। पर, 2023 तक एक छटांक भी बालू नहीं दिया। 2023 में फिर टेंडर निकाला, पर वह भी फाइनल नहीं हुआ। पांच साल तक लोग बालू के लिए तरसते रहे। वहीं विधायक सीपी सिंह ने कहा कि आम लोग ब्लैक में बालू खरीद रहे हैं। लोग बिहार से आ रहे बालू खरीदकर अपना काम कर रहे हैं। अगर ब्लैक में बालू खरीदने की बात गलत निकली तो वे इस्तीफा दे देंगे।
दबंगई नहीं चलेगी, विपक्ष का बालू और गिट्टी से विशेष नाता : सीएम हेमंत
वहीं, राज्यपाल के अभिभाषण पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा-दबंगई नहीं चलेगी। हमलोग बोलने में नहीं, काम करने में विश्वास करते हैं। अभी तो शुरुआत है। अगले पांच साल ही नहीं, आगे भी आपको विपक्ष में बैठना है। विपक्ष के हर बॉल पर छक्का लगेगा। उन्होंने कहा कि बालू पर विपक्ष का आरोप निराधार है। सत्येंद्र तिवारी ने बालू का मुद्दा उठाया। इन्हें बालू की विशेष चिंता है। क्योंकि इनका बालू-गिट्टी से नाता है। सीपी सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि ये पैसे से नहीं, मुफ्त में बालू चाहते हैं। इसलिए इस्तीफे की बात कर रहे हैं। पर ये अपनी बात से कभी भी पलट जाएंगे।