DRDO ISTAR Spy Plane Project : ऑपरेशन सिंदूर के बीच भारत को मिलेगा नया जासूसी हथियार, 10,000 करोड़ की ISTAR डील तैयार

Bindash Bol

DRDO ISTAR Spy Plane Project : पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत अब अपनी निगरानी और खुफिया क्षमता को और धार देने जा रहा है। रक्षा मंत्रालय इस महीने के चौथे सप्ताह में 10,000 करोड़ रुपये की ISTAR जासूसी विमान परियोजना को मंजूरी देने की तैयारी कर चुका है।

क्या है ISTAR प्रणाली ?

ISTAR यानी Intelligence, Surveillance, Target Acquisition and Reconnaissance, एक अत्याधुनिक हवाई प्रणाली है जो दुश्मन के इलाकों की दिन-रात निगरानी, सटीक लक्ष्य निर्धारण, और हवाई तस्वीरें जुटाने में सक्षम होगी। यह सिस्टम भारतीय वायुसेना (IAF) को पाकिस्तान की सीमाओं पर मौजूद रडार स्टेशनों, वायु रक्षा इकाइयों और छिपे हुए ठिकानों पर सटीक हमले की योजना बनाने में मदद करेगी।

DRDO और CABS का बड़ा योगदान

इस प्रोजेक्ट को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के सेंटर फॉर एयरबोर्न सिस्टम्स (CABS) द्वारा विकसित किया गया है। सिस्टम पूरी तरह स्वदेशी (indigenous) होगा, केवल तीन हवाई प्लेटफॉर्म विदेशी निर्माताओं-बोइंग और बॉम्बार्डियर – से ओपन टेंडर के जरिए लिए जाएंगे। DRDO ने सभी आवश्यक उपकरणों और सेंसरों का परीक्षण पहले ही सफलतापूर्वक कर लिया है।

कैसी होगी ISTAR की क्षमताएं?

  • यह हाई-एल्टीट्यूड स्टैंड-ऑफ रेंज (High Altitude Stand-Off Range) से ऑपरेट करेगा
  • मल्टी-स्पेक्ट्रल सेंसरों के जरिए गैर-पारंपरिक खतरों जैसे आतंकवादियों, छिपी इकाइयों की पहचान कर सकेगा
  • यह सिस्टम हवाई और जमीनी खंड दोनों में काम करेगी जिससे जमीनी सैनिकों को भी रणनीतिक लाभ मिलेगा
  • रियल-टाइम इंटेलिजेंस प्रोसेसिंग और ऑपरेशनल पिक्चर जनरेटिंग की क्षमता के साथ

भारत बनेगा एलीट ISTAR क्लब का हिस्सा

अब तक दुनिया में सिर्फ अमेरिका, ब्रिटेन, इज़राइल जैसे कुछ ही देशों के पास ऐसी ISTAR प्रणाली है। इस तकनीक के आने से भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में आ जाएगा जो दुश्मन की सीमाओं के भीतर गहराई से निगरानी और टारगेट कर सकते हैं।

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