Uttarakhand Dharali Cloudburst : उत्तराखंड में उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने और उसके बाद मलबे के साथ आए सैलाब ने ना भूल पाने वाले जख्म दिए हैं. इस तबाही में अभी तक 5 लोगों के मारे जाने की खबर है. कई मकान और होटल तबाह हो गए हैं. साथ ही हर्षिल में हेलीपैड और सेना का कैंप भी इसकी जद में आया है. भारतीय सेना के 8-10 जवान लापता बताए जा रहे हैं.
धराली में तबाही आने के बाद सेना के जवान घटनास्थल पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हुए हैं.सेना ने एक पोस्ट में कहा है, सूचना मिलते ही आईब्रेक्स ब्रिगेड के जवानों को घटनास्थल की ओर रवाना किया गया. आपदा में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है. आपदा की घड़ी में सेना लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है.जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर (01374-222126, 222722, 9456556431) जारी किए हैं.
स्टेट डिजास्टर ऑपरेशन सेंटर पहुंचे धामी
उधर, राज्य सरकार ने अगले आदेश तक उत्तरकाशी जिले में 3 आईएएस अधिकारियों को तैनात किया है.मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्थिति का जायजा लेने के लिए स्टेट डिजास्टर ऑपरेशन सेंटर पहुंचे हैं. सेना के साथ ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की ओर से राहत व बचाव कार्य किया जा रहा है.
एनडीआरएफ के डीआईजी का बयान
एनडीआरएफ के डीआईजी मोहसिन शाहेदी ने बताया, 3 टीमें रवाना हो चुकी हैं और दो टीमें स्टैंडबाय पर हैं. एयरलिफ़्ट करके जवानों को जल्दी पहुंचाया जा सकता है लेकिन खराब मौसम के कारण ये नहीं हो पा रहा है. लगातार बारिश हो रही है. आर्मी और एसडीआरएफ की टीमें स्पॉट पर हैं, उनसे लगातार कोऑर्डिनेशन जारी है. कल अगर मौसम अनुकूल रहा तो हेलीकॉप्टर की मदद ली जाएगी. धराली में सबसे ज्यादा तबाही है तो उसे प्राथमिकता पर सबसे पहले रखा है और वहां रेस्क्यू टीमें पहुंच रही हैं. हमारी और भी टीमें तैयार हैं. जरूरत पड़ने पर तत्काल रवाना करेंगे.
अब तक 20 ग्रामीणों को बचाया गया
बादल फटने की घटना पर ब्रिगेड कमांडर ब्रिगेडियर मंदीप ढिल्लों ने बताया, आज दोपहर करीब 1 बजकर 45 मिनट पर धराली गांव में भूस्खलन और हिमस्खलन हुआ. हर्षिल पोस्ट पर तैनात सेना की टुकड़ी ने सबसे पहले प्रतिक्रिया दी और 10 मिनट के भीतर गांव पहुंच गई. बचाव अभियान जारी है. अब तक 20 ग्रामीणों को बचाया जा चुका है.
