Mizoram Train : 13 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिज़ोरम की राजधानी आइजोल के पास बने सैरांग स्टेशन पर ऐतिहासिक बैराबी-सैरांग रेललाइन का उद्घाटन करेंगे। इस समारोह से मिज़ोरम भारतीय रेलवे के मानचित्र पर पहली बार कदम रखेगा—एक ऐसा सपना जो अठहत्तर वर्षों से अधूरा था।
पूरे पूर्वोत्तर भारत के सबसे चुनौतीपूर्ण पर्वतीय और भूस्खलन- प्रवृत्त इलाके में 51.38 किमी लंबी यह रेललाइन बनाई गई है। मार्ग में 48 सुरंगे (कुल लंबाई 12.8 किमी), 55 बड़े और 87 छोटे पुल बनाए गए हैं।
इस रूट के ब्रिज नं.196 की ऊंचाई 104 मीटर है—जो दिल्ली के कुतुब मीनार से भी अधिक ऊंचा है। कठिन पहाड़ों और मौसम की मुश्किलों के बावजूद, रेलवे इंजीनियरों ने मिज़ोरम की धरती पर पहली बार ट्रेन दौड़ने का सपना पूरा किया।
यह प्रोजेक्ट न सिर्फ आइजोल को सिलचर (असम) से जोड़ेगा, बल्कि पूरे भारत से सीधे रेल संपर्क देगा। इससे गुवाहाटी-अइजोल यात्रा का समय 18 घंटे से घटकर महज 12 घंटे हो जाएगा और माल परिवहन, स्थानीय बाजारों की पहुंच, पर्यटन तथा निवेश को भी भारी बढ़ावा मिलेगा।
केंद्र सरकार की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के अंतर्गत, इस प्रोजेक्ट ने मिज़ोरम और पूर्वोत्तर राज्यों को राष्ट्रीय नेटवर्क और दक्षिण-पूर्व एशिया के नए-विस्तारित कारोबार से जोड़ने की आधारशिला रखी है। अब स्थानीय निवासियों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और डिजास्टर मैनेजमेंट के बेहतर अवसर मिलेंगे और सैरांग स्टेशन को वर्ल्ड क्लास फैसिलिटी सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा।
