Jharkhand : सीएम हेमंत सोरेन ने लिया संज्ञान, पलामू डीसी को पीड़ित परिवार को यथासंभव मदद करने का दिया आदेश

Bindash Bol

पीड़ित परिवार को मदद पहुंचाने और नवजात बच्चे को मां-बाप को सौंपने का आदेश

Jharkhand : पलामू जिले के लेस्लीगंज थानाक्षेत्र के लोटवा कामलकेडिया गांव में गरीबी और बीमारी से तड़प रहे दंपति के अपने ही नवजात बच्चे को बेचने के मामले को बिंदास बोल न्यूज़ ने प्रमुखता से उठाया। बिंदास बोल के इस खबर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संज्ञान लिया है। उन्होंने पलामू डीसी को उक्त मामले की जांच कर पीड़ित परिवार को हर संभव मदद पहुंचाने का निर्देश दिया है।


उन्होंने नवजात बच्चे को उसके माता-पिता को सौंपते हुए
सूचित करने का निर्देश दिया। इतना ही नहीं खबर का असर इतना हुआ कि वीडियो के निर्देश पर डीलर रमेश राम ने पीड़ित परिवार को 20 किलो अनाज मुहैया कराया।

गौरतलब है कि पलामू में अपने ही नवजात बच्चे को बेचने का मामला सामने आया था। बेचने वाले कोई और नहीं बल्कि बच्चे के मां बाप ही थे। उन्होंने अपने नवजात को 50 हजार रुपये में किसी दूसरे दंपति को बेच दिया। बताया जाता है रोग से परेशान और पेट की आग बुझाने के लिए दंपति को अपने कलेजे के टुकड़े को बेचना पड़ा।
मामला पलामू जिले के लेस्लीगंज थानाक्षेत्र के लोटवा कामलकेडिया गांव का है। लोटवा निवासी रामचंद्र राम जिसका घर उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर में है और लेस्लीगंज के लोटवा में ससुराल है।


रिपोर्ट के मुताबिक मेहनत मजदूरी कर जीवनयापन करता है। पहले ससुराल में ही रहता था। ससुराल वालों ने थोड़ी जमीन देकर अलग कर दिया था। इस बार की बारिश ने उसकी झोपड़ी को तहस-नहस कर दिया।
अब वह लोटवा में बने सरकारी शेड में रहता है। उसके पांच बच्चे हैं सही तरीके से पालन पोषण करने में असमर्थ रामचंद्र ने अपना सबसे छोटा बेटा जो इसी राखी के दिन जन्म लिया था को 50, 000 हज़ार में लातेहार के एक दंपति के पास बेंच दिया।खरिदने वाला दंपति का लोटवा चटकपुर में बहन का घर है। उन्ही लोगो ने मध्यस्थता कर पचास हज़ार में सौदा कर बच्चे को अपने रिश्तेदार को खरीदवाया है।

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