* आ रहा है भारत में बना पहला AI स्मार्ट चश्मा, Meta को टक्कर देने मैदान में उतरा Sarvam!
* AI Impact Summit में छाया देसी AI स्मार्ट चश्मा, PM मोदी ने किया ट्राई, जानिए क्या है इसकी खासियत
AI Impact Summit : इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पहना गया खास AI चश्मा Sarvam Kaze सुर्खियों में है. यह चश्मा भारत में ही डिजाइन, डेवलप और बिल्ड किया गया है, और इसे बनाने वाले सरवम AI टीम ने बताया है कि इसमें ऐसा करिश्मा छिपा है जो आने वाले समय में स्मार्ट‑वियरेबल की दुनिया बदल सकता है.
बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप Sarvam AI द्वारा विकसित यह चश्मा पारंपरिक स्मार्टग्लास या AR डिवाइस जैसा नहीं है. कंपनी के मुताबिक, Sarvam Kaze वास्तविक दुनिया में AI को सीधे आपके सामने लाता है, स्क्रीन पर नहीं, आपकी आँखों के आगे. यह डिवाइस पहनने पर आपकी बात को सुनता है, समझता है, जवाब देता है और साथ‑साथ आप जो देख रहे होते हैं, उसे भी कैप्चर कर सकता है.

Sarvam AI के को‑फाउंडर ने बताया कि यह डिवाइस पूरी तरह भारत में बना है “Designed in India, built in India, fitted with AI from India.” यह चश्मा सरवम के इन‑हाउस AI स्टैक पर चलता है, जिसे खास तौर पर भारतीय भाषाओं और लोकल यूज़‑केस के लिए तैयार किया गया है. इसका मतलब है कि यह आपके आसपास की चीज़ों को भारतीय संदर्भ में समझ सकता है और लोकल भाषा में तुरंत प्रतिक्रिया दे सकता है.
खाने का मतलब साफ है कि अब मोबाइल ही नहीं, बल्कि चश्मा भी इंसान से बात करेगा, जानकारी देगा और काम आसान करेगा. भारतीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी सर्वम ने ऐलान किया है कि वह मई 2026 तक भारत में डिजाइन किया गया अपना पहला स्मार्ट चश्मा लॉन्च करने जा रही है. यह चश्मा सिर्फ गैजेट नहीं, बल्कि एक चलता फिरता एआई असिस्टेंट होगा, जो आम लोगों की जिंदगी आसान बनाने का दावा कर रहा है.
डिवाइस की एक बड़ी खासियत यह है कि डेवलपर्स इसके लिए अपनी कस्टम AI एक्सपीरियंस तैयार कर सकेंगे. यानी हेल्थकेयर, एजुकेशन, असिस्टिव टेक से लेकर कंटेंट‑क्रिएशन तक-हर सेक्टर के लिए अलग‑अलग ऐप्स और इंटरेक्शन बनाए जा सकते हैं। कंपनी के बयान के मुताबिक यह एक “पूरी नई दुनिया” है, जिसमें डेवलपर्स को अनगिनत संभावनाएं मिलेंगी. Sarvam Kaze का कमर्शियल लॉन्च मई 2026 में होने की उम्मीद है. प्रधानमंत्री मोदी इसके पहले उपयोगकर्ता बने.

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में कंपनी के सह संस्थापक प्रत्युष कुमार ने बताया कि सर्वम काज़े नाम का यह स्मार्ट चश्मा पूरी तरह भारत में डिजाइन किया गया है और डेवलपर्स के लिए खुला प्लेटफॉर्म होगा. इसका मतलब है कि इस चश्मे के लिए नई ऐप्स और फीचर्स आसानी से बनाए जा सकेंगे, जो इसे विदेशी स्मार्ट ग्लास से अलग बनाता है.
स्मार्ट चश्मा क्या होता है और कैसे काम करता है
स्मार्ट चश्मा दिखने में सामान्य चश्मे जैसा होता है, लेकिन इसके अंदर कैमरा, माइक्रोफोन, स्पीकर, डिस्प्ले और एआई चिप लगी होती है. यह इंटरनेट और मोबाइल से जुड़कर काम करता है और आपकी आंखों के सामने ही जरूरी जानकारी दिखा सकता है. अगर आप सड़क पर जा रहे हैं, तो यह रास्ता दिखा सकता है. अगर किसी से बात करनी है, तो यह आपके लिए कॉल या मैसेज भेज सकता है. आप इससे सवाल पूछ सकते हैं और यह बोलकर जवाब भी दे सकता है.
आम आदमी के लिए स्मार्ट चश्मे के बड़े फायदे
स्मार्ट चश्मा सिर्फ टेक लवर्स के लिए नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए भी बहुत काम का हो सकता है.
* यह बुजुर्गों को दवा लेने की याद दिला सकता है और डॉक्टर से बात कराने में मदद कर सकता है.
* यह छात्रों को पढ़ाई में मदद कर सकता है और तुरंत जानकारी दिखा सकता है.
* यह ड्राइवरों को रास्ता दिखा सकता है और जरूरी अलर्ट दे सकता है.
* यह दिव्यांग लोगों को आसपास की चीजें पहचानने और पढ़ने में मदद कर सकता है.
सर्वम का स्मार्ट चश्मा क्यों खास है
प्रत्युष कुमार ने बताया- सर्वम का स्मार्ट चश्मा डेवलपर्स के लिए खुला होगा, यानी कोई भी कंपनी या स्टार्टअप इसके लिए ऐप्स बना सकेगा. अभी ज्यादातर विदेशी स्मार्ट ग्लास बंद सिस्टम होते हैं, लेकिन सर्वम इसे भारतीय इनोवेशन के लिए प्लेटफॉर्म बनाना चाहता है. कंपनी का फोकस भारतीय भाषाओं, लोकल जरूरतों और कम इंटरनेट स्पीड वाले इलाकों पर भी है, ताकि यह टेक्नोलॉजी सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित न रहे.
फीचर फोन में भी आएगा एआई
सर्वम ने मोबाइल फोन निर्माता एचएमडी (HMD) के साथ साझेदारी का ऐलान किया है. इसका मकसद फीचर फोन में भी एआई टेक्नोलॉजी लाना है. इससे बिना स्मार्टफोन वाले लोग भी वॉइस असिस्टेंट, अनुवाद और स्मार्ट फीचर्स का फायदा उठा सकेंगे.
क्वालकॉम और बॉश के साथ बड़ी साझेदारी
सर्वम ने चिप बनाने वाली कंपनी क्वालकॉम (Qualcomm) के साथ भारतीय भाषाओं और लोकल जरूरतों के अनुसार जनरेटिव एआई सिस्टम बनाने की साझेदारी की है. इस एआई का इस्तेमाल स्मार्टफोन, लैपटॉप, पहनने योग्य डिवाइस, आईओटी, ऑटोमोबाइल और डेटा सेंटर में किया जाएगा. कंपनी ने जर्मन टेक कंपनी बॉश (Bosch) के साथ कार डैशबोर्ड में एआई लाने की भी साझेदारी की घोषणा की है, जिससे गाड़ियों में स्मार्ट वॉयस असिस्टेंट और एडवांस फीचर्स मिल सकेंगे.
टेक्नोलॉजी में संप्रभुता पर जोर
प्रत्युष कुमार ने कहा कि भारत को टेक्नोलॉजी की हर परत में संप्रभुता बनानी चाहिए. इसका मतलब है कि एआई मॉडल, डेटा और हार्डवेयर पर भारत का खुद का कंट्रोल होना चाहिए. इससे विदेशी कंपनियों पर निर्भरता कम होगी और भारत ग्लोबल टेक पावर बन सकेगा.
