Alireza Arafi : ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद देश में बड़ा राजनीतिक बदलाव शुरू हो चुका है। ईरानी धर्मगुरु अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी को तेहरान में अंतरिम सुप्रीम लीडर के रूप में नियुक्त किया गया है। ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी ISNA ने खुद अराफी की नियुक्ति की जानकारी दी है।
कौन हैं अलीरेजा अराफी?
अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी को ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया है। अलीरेजा अराफी कई प्रमुख मजहबी और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े रहे हैं। कट्टर विचारों वाले अराफी को अंतरिम नेतृत्व परिषद में विधि विशेषज्ञ सदस्य (Jurist Member) बनाया गया है। यह परिषद तब तक सुप्रीम लीडर की सभी जिम्मेदारियां निभाएगी, जब तक कि ईरान के संविधान के अनुसार नए नेता का चयन नहीं हो जाता।
अंतरिम नेतृत्व परिषद् में कौन-कौन शामिल?
ईरान के संविधान के मुताबिक इस अंतरिम परिषद में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के अलावा मुख्य न्यायाधीश घोलाम-होसैन मोहसिनी-एजेई और गार्जियन काउंसिल के एक वरिष्ठ धर्मगुरु शामिल है। यह परिषद ही अब देश से जुड़े सभी बड़े फैसले लेगी।
Iran Political Transition:
बदलाव और अनिश्चितता का दौर
खामेनेई की मौत के बाद ईरान अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। देश को एक साथ दो बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें, बाहरी सैन्य हमलों का खतरा तो है ही लेकिन देश के भीतर भी नए सुप्रीम लीडर के चयन की संवैधानिक प्रक्रिया कम चुनौतीपूर्ण नहीं होगी। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि अंतरिम परिषद देश में स्थिरता बनाए रखने में कितनी सफल होती है।
US-Israel Joint Attack: हमले में खामेनेई की मौत
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमले में अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई। यह बड़ा सैन्य अभियान शनिवार को चलाया गया था।
हमले में सैन्य ठिकानों, सरकारी संस्थानों और वरिष्ठ नेताओं से जुड़े स्थानों को निशाना बनाया गया। इस कार्रवाई में रक्षा मंत्री अमीर नसेरजादेह और कमांडर-इन-चीफ मोहम्मद पाकपुर से जुड़े ठिकाने भी टारगेट किए गए। 86 साल के खामेनेई साल 1989 में ईरान के सुप्रीम लीडर बने थे और तभी से देश की कमान उनके हाथों में थी।
खामेनेई की मौत की खबर सबसे पहले किसने दी?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सबसे पहले खामेनेई की मौत की घोषणा की। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि खामेनेई अब नहीं रहे और इसे उन्होंने न्याय की दिशा में बड़ा कदम बताया। हालांकि, शुरुआत में ईरान ने इन खबरों का खंडन किया था। लेकिन रविवार सुबह आधिकारिक तौर पर खामेनेई की मौत की पुष्टि कर दी गई।
