All Gujarat Ministers Resign : गुजरात में गुरुवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हुआ है। सीएम भूपेंद्र पटेल को छोड़कर सभी मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया। दरअसल, सीएम के नेतृत्व में हुई बैठक में मंत्रियों ने इस्तीफा दिया है। हालांकि अभी तक इस पर सीएम की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को नई मंत्रिपरिषद शपथ लेगी।
गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मंत्रिमंडल के सभी 16 मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है। बीजेपी के सबसे मजबूत गढ़ गुजरात में लंबे समय से मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावना व्यक्त की जा रही थी, लेकिन गुरुवार को एक बड़े घटनाक्रम में भूपेंद्र पटेल को छोड़कर सभी मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री को त्यागपत्र सौंपे। गुजरात में बीजेपी ने कुछ इसी तरह से साल 2021 में एक झटके में मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम समेत सभी मंत्रियों को हटा दिया था। अब जब राज्य में अगले चुनावों में दो साल का वक्त बचा है तब बीजेपी ने सभी मंत्रियों से इस्तीफा लेकर चौंका दिया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की टीम में युवा चेहरों को शामिल किए जाने की संभावना है। अब देखना होगा कि नई टीम सभी नए मंत्री होंगे। या फिर कुछ रिपीट होंगे। शुक्रवार को होने वाले शपथ समारोह में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री अमित शाह भी शामिल होंगे।
इन मंत्रियों का हुआ इस्तीफा
कैबिनेट मंत्री
कनु देसाई
ऋषिकेश पटेल
राघवजी पटेल
बलवंत सिंह राजपूत
कुंवरजी बावलिया
मुलुभाई बेरा
कुबेर डिंडोर
भानुबेन बाबरिया
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
हर्ष संघवी
जगदीश विश्वकर्मा
राज्य मंत्री
पुरुषोत्तम सोलंकी
बचुभाई खाबड़
मुकेश पटेल
प्रफुल्ल पानसेरिया
भीखू सिंह परमार
कुंवरजी हलपति
शुक्रवार को शपथ लेंगे नए मंत्री
राजभवन से जारी एक बयान में कहा गया है कि शुक्रवार को 11:30 बजे भूपेंद्र पटेल मंत्रिमंडल के लिए नामित मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी। यह कार्यक्रमा गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में रखा गया है। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत सभी मंत्रियों को शपथ दिलाएंगे। सूत्रों के अनुसार भूपेंद्र पटेल की टीम में कुल मंत्रियों की संख्या इस बार अधिक हो सकती है। बीजेपी ने ऐसे वक्त पर सभी मंत्रियों से इस्तीफा लेकर नई टीम बनाने का फैसला किया है जब अब नए साल की शुरुआत में महज कुछ दिन बाकी रह गए है। गुजरात में नववर्ष दिवाली के अगले दिन होता है। बीजेपी की तरफ से गुरुवार और शुक्रवार को सभी विधायकों को गांधीनगर में रहने का निर्देश दिया गया है।
बीजेपी ने क्यों की इतनी बड़ी ‘सर्जरी’
गुजरात की सत्ता पर लंबे वक्त से काबिज बीजेपी को राज्य में एक साथ कई मोर्चे पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। पीएम मोदी के करिश्माई नेतृत्व के बाद भी राज्य में कोई भी नेता विपक्ष से लगने वालों आरोपों और मुद्दों पर मुखर नहीं था। यही वजह थी कि राज्य में आम आदमी पार्टी की लोकप्रियता सौराष्ट्र और आदिवासी बेल्ट में लगातार बढ़ी। आम लोगों की नजर में सीएम भूपेंद्र पटेल की छवि सही बनी हुई थी। इसीलिए बीजेपी ने उन्हें छोड़कर नगर निगम चुनावों से ठीक पहले नई टीम देने का फैसला किया है। गुजरात में नगर निगम के चुनाव फरवरी से पहले होने हैं। जिन्हें मिनी विधानसभा चुनाव माना जा रहा है।
