* दान गिनती के दौरान विदेशी मुद्राओं के साथ पाकिस्तानी करेंसी मिलने से बढ़ी सुरक्षा चिंता
Baidyanath Dham : झारखंड के देवघर स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर की दानपेटी से पाकिस्तानी करेंसी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। नियमित दान गिनती के दौरान भारतीय रुपयों, डॉलर और यूरो के साथ 100 रुपये का पाकिस्तानी नोट बरामद हुआ, जिसने पूरे मामले को संवेदनशील बना दिया है।
दान गिनती में सामने आया चौंकाने वाला खुलासा
बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच मंदिर की दानपेटियों की गिनती शुरू हुई। इसी दौरान कर्मचारियों को विदेशी मुद्राओं के बीच पाकिस्तानी 100 रुपये का नोट मिला। मंदिर प्रशासन के अनुसार, इतिहास में पहली बार आधिकारिक रूप से पाकिस्तानी मुद्रा दानपात्र से बरामद हुई है। इसके बाद जांच एजेंसियों ने पिछले दो महीनों के रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि किसी पाकिस्तानी नागरिक ने मंदिर में प्रवेश किया था या नहीं।
रेकी इनपुट से बढ़ी एजेंसियों की चिंता
मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि हाल ही में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से गिरफ्तार संदिग्ध युवक-युवती के पास से बाबा मंदिर की तस्वीरें और वीडियो मिले थे। जांच में इनके आईएसआई कनेक्शन की आशंका जताई गई थी। वहीं जासूसी के आरोप में पकड़ी गई यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा द्वारा सुल्तानगंज से देवघर तक कांवड़ यात्रा मार्ग की वीडियोग्राफी भी जांच एजेंसियों के रडार पर है। इन घटनाओं के बीच पाकिस्तानी नोट का मिलना संभावित रेकी या साजिश के एंगल को मजबूत कर रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
सिक्योरिटी ऑडिट में मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई खामियां सामने आई हैं। अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के विपरीत, यहां श्रद्धालु मोबाइल, बैग और कई प्रतिबंधित सामान लेकर गर्भगृह तक पहुंच जाते हैं। प्रवेश द्वारों पर पर्याप्त मेटल डिटेक्टर और आधुनिक स्कैनिंग सिस्टम की कमी बताई जा रही है। रोजाना मंदिर परिसर के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होना भी सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है।
पुरोहित और जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया
मंदिर के पुरोहित दर्शन मिश्रा ने कहा कि यदि पाकिस्तान से आया कोई हिंदू श्रद्धालु दान करता है तो इसमें आपत्ति नहीं, लेकिन यदि कोई रेकी के उद्देश्य से ऐसा कर रहा है तो यह गंभीर जांच का विषय है।
वहीं गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने मंदिर सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंदिर “बाबा के भरोसे” चल रहा है और सुरक्षा को लेकर सरकार तथा प्रशासन को गंभीरता दिखानी चाहिए।
जांच एजेंसियां सतर्क
फिलहाल खुफिया एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, दान रिकॉर्ड और हाल के आगंतुकों की जानकारी जुटा रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था को सख्त करने और प्रवेश प्रणाली में बदलाव की संभावना भी जताई जा रही है।
आस्था के इस बड़े केंद्र में संदिग्ध विदेशी मुद्रा की मौजूदगी ने सुरक्षा व्यवस्था पर नई बहस छेड़ दी है।
