* नंदीग्राम की टक्कर के बाद अब भवानीपुर में फिर भिड़ेंगे ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी
Bengal Election 2026 : पिछले विधानसभा चुनाव में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के बीच नंदीग्राम में मुकाबला हुआ था, हालांकि नंदीग्राम चुनाव में ममता बनर्जी पराजित हुई थीं और भवानीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत हासिल की थीं, लेकिन इस चुनाव मेंं फिर से ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी आमने-सामने होंगे. भवानीपुर विधानसभा सीट पर ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच महामुकाबला होगा. तृणमूल कांग्रेस ने ममता बनर्जी को फिर से भवानीपुर सीट से उम्मीदवार बनाने का ऐलान किया है, जबकि सुवेंदु अधिकारी को भाजपा ने नंदीग्राम के साथ-साथ भवानीपुर से उतारा है.
2018 के विधानसभा चुनाव से पहले कई नेता तृणमूल कांग्रेस छोड़कर BJP में शामिल हो गए थे. सुवेंदु अधिकारी उनमें से एक थे. जब चुनाव में तृणमूल कांग्रेस और BJP के बीच मुकाबले को लेकर काफी चर्चा हो रही थी, तब ममता बनर्जी ने अपनी भवानीपुर सीट छोड़कर नंदीग्राम से चुनाव लड़ने का फैसला किया था.
ममता बनर्जी के मुकाबले BJP ने सुवेंदु अधिकारी को उतारा था. CPM ने युवा नेत्री मीनाक्षी मुखर्जी को उतारा था. हालांकि, ममता और शुवेंदु के बीच की लड़ाई में सबकी दिलचस्पी थी.
सुवेंदु ने ममता को 1956 वोटों से हराया था
आखिर में बीजेपी के सुवेंदु अधिकारी ने उस लड़ाई में ममता को 1956 वोटों से हरा दिया. उन्हें 1 लाख 10 हजार 764 वोट मिले थे और ममता को 1 लाख 8 हजार 808 वोट मिले. इन दोनों दिग्गजों के बीच की लड़ाई में मीनाक्षी को 6 हजार 267 वोट मिले थे. हालांकि, वोट के रिजल्ट पर विवाद हुआ है. ममता ने कोर्ट में केस भी किया. लेकिन पिछले 5 सालों में शुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में तृणमूल सुप्रीमो को उनकी जीत के लिए कई बार चुनौती दी है.
पांच साल बाद जगह बदल गई है, लेकिन, दोनों पार्टियों के दो बड़े नेता फिर से एक-दूसरे के खिलाफ लड़ते दिखेंगे. पांच साल पहले ममता नंदीग्राम गई थीं और इस बार सुवेंदु भवानीपुर आए हैं.
इस बार भवानीपुर में लड़ाई कैसी हो सकती है? राजनीतिक विश्लेषक इसका बारीकी से विश्लेषण कर रहे हैं. राजनीतिक पार्टियां भी अपने-अपने हिसाब से हिसाब लगा रही हैं.
2011 में भवानीपुर से चुनाव जीती थीं ममता, बनीं थी सीएम
ममता भवानीपुर को अपनी बड़ी बहन कहती हैं. 2011 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने इसी भवानीपुर से उपचुनाव जीता था. उन्हें CPM उम्मीदवार नंदिनी मुखर्जी से 54 हजार ज्यादा वोट मिले थे. इस चुनाव में उन्होंने लेफ्ट को हराया था और राज्य की मुख्यमंत्री बनी थीं.
2016 के विधानसभा चुनाव में ममता को भवानीपुर में 65 हजार 520 वोट मिले थे. उनकी सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस की दीपा दासमुंशी को 40,219 वोट मिले थे. उस समय BJP कैंडिडेट चंद्रकुमार बोस को 26,000 से कुछ ज्यादा वोट मिले थे. ममता 25,000 से ज्यादा वोटों से जीती थीं.
2021 के चुनाव में इस सीट से ममता बनर्जी नहीं लड़ींं. इसलिए शोभनदेब चटर्जी ने तृणमूल के टिकट पर चुनाव लड़ा था. उन्हें 73,505 वोट मिले थे. पांच साल पहले, इस सीट से BJP कैंडिडेट रुद्रनील घोष थे. उन्हें 44,786 वोट मिले थे. शोभनदेब 28,500 से ज्यादा वोटों से जीते थे.
बाद में, शोभनदेब ने भवानीपुर सीट खाली कर दी ताकि ममता बनर्जी उपचुनाव लड़ सकें. भवानीपुर में उपचुनाव के नतीजे 3 अक्टूबर, 2021 को घोषित किए गए थे. उपचुनाव में ममता को 85,263 वोट मिले थे. BJP की प्रियंका टिबरेवाल को 26,428 वोट मिले थे. ममता 58,835 वोटों से जीतीं थीं.
