Bharat : प्रवचन का प्रवाह और सच्चाई की रफ्तार

Bindash Bol

कौशल किशोर शुक्ला
(नई दिल्ली)

Bharat : आज अंतरराष्ट्रीय महामारी तैयारी दिवस है, जो याद दिलाता है कि भविष्य में किसी भी महामारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना कितना जरूरी है, विशेषज्ञ मानते हैं कि कोरोना जैसी महामारी ने स्पष्ट कर दिया है कि समय पर इलाज और पर्याप्त संसाधन नहीं होने पर हालात कितने भयावह हो सकते हैं, सवाल है कि क्या हमने स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत कर लिया है, यह सरकार के साथ जनता के लिए भी देखने का विषय वस्तु है…!

प्रवचन सुन लीजिए, संघ प्रमुख मोहन भागवत कहते हैं कि धर्म व विज्ञान में कोई टकराव नहीं, दोनों को सत्य की तलाश है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कहते हैं कि गुलामी की मानसिकता से मुक्त हो रहा है देश, सुधार अभियानों से भारत में जीवन सुगम हो गया है और यह उत्साह के साथ जारी रहेगा। वीर बालक दिवस पर कल उन्होंने जेन जी और जेन अल्फा का भी जिक्र किया और कहा कि यह देश को विकसित भारत के लक्ष्य तक ले जाएंगे। गृह मंत्री अमित शाह कहते हैं कि तकनीक ने आतंकवाद का चेहरा बदल दिया है और हमें दुश्मन से आगे रहना होगा। उधर, मद्रास हाई कोर्ट की चिंता है कि केंद्र सरकार बच्चों के इंटरनेट इस्तेमाल पर नियंत्रण के लिए कानून बनाए।

अब इसका क्या कीजिएगा कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टार्मर कहते हैं कि 2028 तक भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की राह पर चल पड़ा है, उनके मुताबिक एफडीए की उपलब्धि से भारत-ब्रिटेन संबंधों को गति मिली है, गति तो चीन, अमेरिका, रूस, जापान, सऊदी अरब, इजरायल, यूक्रेन जैसे अन्यान्य देशों से संबंधों के साथ भी मिल रही है, हम वोकल फार लोकल हैं कि वोकल फार ग्लोबल हैं, तलाश करते रहिएगा, फिलहाल एच1बी वीजा को लेकर साक्षात्कार रद करने के मामले में भारत की अमेरिका से बात चल रही है, मिजाज सकारात्मक रखिए, ट्रंप के इरादे और भारत की चाहत को तो फिलहाल इससे अलग ही रखिए…!

हां, कल की रिपोर्ट देखें तो चांदी 9350 रुपये बढ़कर रिकार्ड 2.36 लाख के पार चली गई है, सोने की कीमतों में भी 1500 रुपये की तेजी दर्ज की गई, विश्लेषक कहते हैं कि चांदी की आपूर्ति में वर्षों से कमी आई है, वैश्विक खदान उत्पादन मांग से पीछे हैं, मौजूद भंडार घट रहा है, भौतिक बाजार में संरचनात्मक तंगी से यदि कमी और गहरी होती है तो कीमत काफी बढ़ सकती है, उधर घरेलू शेयर बाजार में गिरावट और विदेशी मुद्रा की निकासी के चलते शुक्रवार को डालर के मुकाबले रुपया फिर 19 पैसा गिर गया…!

आपको यह भी जानना चाहिए कि 2047 तक विकसित भारत के विकास के अगले चरण को रफ्तार देने के लिए देश में बड़े बैंकों की दिशा में काम तेजी से शुरू हो गया है, अगले साल से इसका नतीजा दिखने भी लगेगा, छोटे को बड़े बैंकों में मिलाकर वैश्विक स्तर के चार-पांच बैंक बनाए जाने की योजना है, दावा है कि इससे घरेलू बैंकों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी, इस समय देश में 12 सरकारी बैंक हैं, देश का सबसे बड़ा स्टेट बैंक आफ इंडिया एकमात्र बैंक है, जो परिसंपत्तियों के आधार पर वैश्विक शीर्ष 50 बैंकों में शामिल है, इसका स्थान 43 वां है, एचडीएफसी 73वें स्थान पर है। फिलहाल इंडिगो के एकछत्र राज को खत्म करने के लिए शंख मैदान में आ रहा है, इससे राहत महसूस कर सकते हैं…!

फिलहाल गुजरते साल को अलविदा कहने की तैयारी कीजिए, कुछ नहीं करेंगे तो भी यह गुजर जाएगा…!

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(नोट – फोटो एआइ जनरेटेड है।)

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