Big News : जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने बड़ा राजनीतिक फैसला लिया है। वह प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज में शामिल हो गए हैं। करीब सात महीने पहले उन्होंने ‘आप सबकी आवाज’ (ASA) नाम से अपनी पार्टी की शुरुआत की थी। आज उन्होने अपनी पार्टी का भी जनसुराज में विलय कर दिया।
कौन हैं आरसीपी सिंह?
आरसीपी सिंह भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रह चुके हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रधान सचिव के तौर पर भी इन्होंने लम्बे समय तक काम किया है। हालांकि नीतीश कुमार से मतभेद होने के बाद इन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया और फिर भाजपा द्वारा दरकिनार किए जाने के बाद उन्होंने अपनी पार्टी बनाने की घोषणा कर दी।
नीतीश के करीबी रहे आरसीपी
एक समय था, जब राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रबल समर्थक और रणनीतिकार पीके ही थे। इन्होंने ही नारा दिया था ‘बिहार में बहार है नीतीशे कुमार है’। आईएएस रहे आरसीपी भी नीतीश कुमार के प्रभाव में ही जेडीयू को ज्वाइन किया। और प्रमुख संगठनकर्ता बन गए। पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बनाया और केंद्रीय मंत्री भी। पर जेडीयू को तोड़ने के आरोप लगने से आहत आरसीपी ने जेडीयू से नाता तोड़ा और बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की। लेकिन जब नीतीश कुमार फिर एनडीए में आ गए तो वे भाजपा में इग्नोर किए जाने लगे। नतीजतन उन्होंने नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला।
जेडीयू में हलचल
आरसीपी सिंह यहीं नहीं रुके, वे बिहार पहुंचने के बाद नीतीश कुमार के खिलाफ खुद के समर्थकों को गोलबंद करने लगे। उन्होंने जेडीयू के समर्थकों को भी तोड़ा। कई बार पार्टी के नालंदा में कार्यक्रम किए। उनकी बातों से साफ जाहिर होने लगा कि वे विधानसभा चुनाव की ताक में हैं, जहां वे नीतीश कुमार को सियासी रूप से नुकसान पहुंचाने का काम करेंगे। आरसीपी सिंह ने अपनी पार्टी बनाई। पार्टी का नाम रखा ‘आप सबकी आवाज’। जानकारों की मानें, तो आरसीपी सिंह को लग गया है कि होगा कि पार्टी चलाने के साथ किसी दुश्मन की चुनौती का सामना करना कठिन है। इसलिए उन्होंने जन सुराज के मजबूत कंधों का सहारा लेना उचित समझा है। आरसीपी सिंह के इस फैसले से जेडीयू के अंदर हलचल तेज बताई जा रही है।
