पंकज श्रीवास्तव
Bihar : भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी 2010 में की थी। तब कांग्रेस शासनकाल था। राजीव गाँधी के बेहद करीबी ‘सुरेश कलमाड़ी’ को इस आयोजन का कार्यभार सौपा गया था। तब के मीडिया की माने तो इसके लिए आबंटित रकम को जितना कलमाड़ी ने नहीं लूटा उससे ज्यादा कलमाड़ी के करीबियों ने लूट लिया। आयोजन ज्यो-ज्यो नजदीक आ रहा था मीडिया में बेचैनी थी, वजह जमीन पर कोई काम नजर नहीं आ रहा था। तब मीडिया को जबाब देते हुए सुरेश कलमाड़ी ने कहा था कि “आप बेचैन न हो भारत में बेटी की शादी के पूर्व कुछ भी नहीं दिॆखता है लेकिन ऐन शादी के दिन पूरी व्यवस्था नजर आती है।” गलती माँफ बिहार में ये चुनावी बर्ष है और इधर इंद्रदेव ने मुख्यमंत्री नीतीश जी धोने की पूरी व्यवस्था कर दी है। दम ही नहीं ले रहें हैं मतलब कल तक ये रुकने का नाम नहीं ले रहें थे। राजधानी पटना जल समाधी ले रहा था लेकिन नीतीश जी के चट्टे-बट्टे मेरा मतलब है, उनके आधिकारियों ने उन्हें नंगा होने से बचाने के लिए अपनी पूरी ऊर्जा झोक दी। देख लीजिए दिन- रात राजधानी पटना के मुहल्लों से बरसात का पानी निकालने के लिए न सिर्फ मोटर की व्यवस्था की गयी है बल्कि ये मोटर खराब हो जायें तो मौके पर अतिरिक्त मोटर की व्यवस्था की है। तस्वीर मैंने ली है ‘पाटलीपुत्र रेलवे स्टेशन’ के पश्चिमी छोर यानि पटना के सबसे आधुनिक और रिहायशी इलाका गोला रोड और मिथिला कालनी की ओर से जहाँ कल तक एक से डेढ़ फूट पानी था।
