Chori : रांची : झारखंड की राजधानी रांची में लगातार हो रहे मर्डर, चोरी डकैती और बड़ी-बड़ी वारदातों से परेशान राजधानी की पुलिस अपनी असफलता पर पर्दा डालने के लिए एक नई कहानी लेकर आई है। राजधानी की पुलिस ने कोकर चौक स्थित सैमफोर्ड अस्पताल के पास संदिग्ध अवस्था में तीन चोरों को गिरफ्तार किया है। बकौल पुलिस यह तीनों रांची में दिन में बल्लू और खिलौना बेचते हैं। और रात में चोरी डकैती को अंजाम देते हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मध्य प्रदेश निवासी शंकर कन्हैया सोलंकी, जूजू आदिवासी और मंगल सिंह के रूप में की गई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से ताला तोड़ने के लोहे के औजार, बड़ा पेचकस, सलाई रिंच समेत कई सामान बरामद किए गए।
पुलिस का कहना है कि यह तीनों आरोपी ‘पार्डी गैंग’ नामक अंतरराज्यीय चोर गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं। इस गिरोह का आधार मध्य प्रदेश के गुना जिले में है।
पुलिस के अनुसार, इस गैंग के 40-50 पुरुष और 15-20 महिलाएं देश के विभिन्न हिस्सों में छोटे-मोटे सामान जैसे गुब्बारे, खिलौने और झूले बेचने के बहाने घरों की दिन में रेकी करते हैं। रात में चिन्हित मकानों में चोरी की वारदात को अंजाम दिया जाता है।
एसपी राजकुमार मेहता ने बताया कि यह गिरोह मुख्य रूप से नगदी और जेवरात की चोरी करता है और बाद में इन्हें चिन्हित ज्वेलरी दुकानों में बेच देता है। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पिछले एक वर्ष से रांची के विभिन्न इलाकों में बंद पड़े मकानों में चोरी कर रहे थे।तीनों की निशानदेही पर रामगढ़ स्थित के.के. ज्वेलर्स से चोरी के गहनों की बरामदगी हुई है। इस मामले में संलिप्त ज्वेलरी दुकान के मालिक मनीष कटारिया और उनके सहयोगी रोशन कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है।
इस गैंग ने सदर थाना क्षेत्र के बूटी बस्ती में कुलेश ओहदार के बंद मकान से भी चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। उस दौरान वे कुंभ स्नान के लिए प्रयागराज गए हुए थे।