रेहान
Cricket ki duniya : इस दुनिया में हर किसी को सेल्फ डाउट के गहरे गड्ढे से निकलने के लिए,किसी सहारे,किसी सीढ़ी, किसी रस्सी की जरूरत पड़ती है। मेरे लिए ये काम तस्वीरें करती है, मेरे फोन में सैकड़ों ऐसी तस्वीरें है,जो मुझे याद दिलाती है कि,इंसान के कर गुजरने की कोई हद,खुदा और कुदरत ने बनाई ही नहीं है।हर पीढ़ी के इंसान के कारनामों को उससे पीछे की दो चार पीढ़ियां अकल्पनीय, अविश्वस्नीय,और असंभव मानती आई है।पर फिर एक दिन एक इंसान,आइने में अपना प्रतिबिंब देखता है,वो देखता है जलती धूप में उसके नंगे पांव से लिपटे अपनी परछाई को, और फिर उसे याद आता है कि वो कौन है, वो क्या क्या कर चुका है,वो क्या कुछ कर सकता है।और फिर सिर्फ लोग नहीं,समाज नहीं,दुनिया नहीं,बल्कि पीढ़ियों से पलती विचारधाओं को भी खुद को फिर से लिखना पड़ता है
इस तस्वीर में विराट उसी इंसान की तरह, अपने आपको यही सब कुछ याद दिला रहा था।वो टूर्नामेंट्स जिनके फाइनल उसकी उंगलियों से फिसले थे, वो टूर्नामेंट्स जिसमें मिली प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट की ट्रॉफियों की तरफ उसका देखने का भी दिल नहीं होता होगा, वो टूर्नामेंट्स जिसके फाइनल में आए आंसू वो घोंट लेना चाहता था, पी जाना चाहता था।उस दिन के फाइनल के कई हीरो थे, सूर्या, बुमराह,अक्षर,अर्शदीप, पंड्या,रोहित,यहां तक कि अफ्रीकी टीम के मोमेंटम को तोड़ने के लिए चोट की एक्टिंग करने वाले ऋषभ पंत भी।पर रोहित को छोड़कर बाकी सब को जिंदगी और मौके देने वाली थी, बाकी सब को और फाइनल्स मिल सकते थे। पर विराट के पास बस यही मौला था, यही एक दिन था।
जीवन में जब कभी खुद पर डाउट होने लगे,जब कभी खुद की काबिलियत,हैसियत,शख्शियत छोटी लगने लगे,तब इंसान को कुछ देर अपने आपको,अपने आपके हवाले, अकेला,तनहा छोड़ देना चाहिए।क्योंकि सिर्फ इंसान ही जानता है कि वो यहां तक कैसे पहुंचा है, क्योंकि सिर्फ वही जानता है कि वो कहा तक पहुंचने की ताकत रखता है,क्योंकि सिर्फ तुम ही जानते हो कि,तुम्हे रोकने के लिए,कितनी ताकते लगी थी, पर तुम्हें कोई रोक नहीं पाया।क्योंकि सिर्फ तुम जानते हो कि तुम हनुमान नहीं हो, इसलिए तुम्हारे लिए कोई जामवंत नहीं आने वाला,क्योंकि सिर्फ तुम जानते हो कि तुम अर्जुन नहीं हो,जिसके सारथी कृष्ण बन जायेंगे।क्योंकि सिर्फ तुम ही जानते हो कि तुम क्या हो, सिर्फ तुम जानते हो कि तुम्हारा मेहनताना क्या है, तुम्हारी दिहाड़ी क्या है, तुम्हारी वर्थ क्या है, तुम्हारी हैसियत, कीमत,शख्सियत क्या है।
