- डेटा सेंटर = नौकरी, निवेश और नया भारत
- डिजिटल स्किल ही आने वाले कल की असली डिग्री है
- भारत में AI का मतलब है – अवसरों की नई दुनिया
Data Center Boom : भारत तेजी से डिजिटल क्रांति के अगले चरण की ओर बढ़ रहा है और इस बदलाव के केंद्र में हैं एआई आधारित डेटा सेंटर।
Nvidia के CEO जेन्सेन हुआंग ने हाल ही में बड़ा बयान देते हुए कहा कि भारत में बनने वाले एआई डेटा सेंटर सिर्फ तकनीकी विकास नहीं, बल्कि एक बड़े रोजगार बूम का संकेत हैं। उनके अनुसार, एक ही डेटा सेंटर में करीब 5000 से 10000 लोगों को सीधे काम मिल सकता है। यह नौकरियां सिर्फ आईटी इंजीनियरों तक सीमित नहीं होंगी, बल्कि इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, निर्माण मजदूर, आर्किटेक्ट, डिजाइनर और प्रोजेक्ट मैनेजर जैसे कई प्रोफेशन भी इसमें शामिल होंगे।
हुआंग ने इस बदलाव की तुलना इंटरनेट के शुरुआती दौर से की, जब भारत में डिजिटल सेक्टर ने लाखों युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए थे। उनका मानना है कि एआई और डेटा सेंटर इकोसिस्टम भी उसी तरह रोजगार और इनोवेशन का नया दौर शुरू कर सकता है। खास बात यह है कि डेटा सेंटर के निर्माण और संचालन से जुड़ी सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक स्टार्टअप्स जैसी इंडस्ट्री भी तेजी से बढ़ेंगी। यानी असर सिर्फ टेक सेक्टर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कई क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
भारत सरकार भी इस दिशा में तेजी से काम कर रही है। आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि डेटा सेंटर भारत की डिजिटल ताकत बनेंगे और देश को ग्लोबल टेक हब बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन जैसे बड़े टेक जायंट्स पहले ही भारत में अरबों डॉलर का निवेश कर चुके हैं, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि आने वाले समय में भारत एआई इंफ्रास्ट्रक्चर का बड़ा केंद्र बन सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समय युवाओं के लिए डिजिटल और तकनीकी करियर अपनाने का सबसे सही मौका है। डेटा सेंटर केवल बड़े निवेश या टेक्नोलॉजी की कहानी नहीं हैं, बल्कि लाखों लोगों के लिए रोजगार, स्किल डेवलपमेंट और नई संभावनाओं का दरवाजा खोल रहे हैं। अगर यह ट्रेंड जारी रहता है, तो भारत में रोजगार और स्टार्टअप इकोसिस्टम दोनों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। आने वाले वर्षों में एआई और डेटा सेंटर भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाले प्रमुख स्तंभ साबित हो सकते हैं।
