Flight Safety : 754 विमानों की जांच, 50% में खामियां… लिस्ट में टॉप पर एअर इंडिया और इंडिगो

Siddarth Saurabh

* उड़ान से पहले अलर्ट! आधे विमानों में तकनीकी खामियों का खुलासा

* क्या आपकी अगली उड़ान सुरक्षित है? आंकड़ों ने बढ़ाई टेंशन

Flight Safety : देश के वाणिज्य विमानों की हालत ठीक नहीं है। केंद्र सरकार के आंकड़ों से पता चलता है कि भारतीय विमानन कंपनियों के विमानों की जांच में 50 प्रतिशत में बार-बार तकनीकी खामियां मिली हैं।
यह जानकारी नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने लोकसभा में दी। सरकार ने बताया कि जिन विमानों में अधिक खराबी आ रही है, उसमें एयर इंडिया और इंडिगो एयरलाइंस शीर्ष पर है।
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल 754 में 377 विमानों में बार-बार तकनीकी खराबी मिली है।

देश की 6 एयरलाइंस की 754 विमानों की हुई जांच

नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने सदन को लिखित में बताया कि पिछले साल जनवरी से 6 निर्धारित एयरलाइनों के 754 विमानों में बार-बार आने वाली खराबी का विश्लेषण किया गया था।
जांच में इनमें से 377 विमानों में खराबी पाई गई है। मंत्री ने बताया कि इंडिगो के सबसे अधिक विमानों की समीक्षा की गई थी।
इस साल, 3 फरवरी तक इंडिगो के 405 विमानों का विश्लेषण किया गया, जिसमें 148 में बार-बार खराबी का पता चला।

एयर इंडिया के इतने विमानों में पाई गई खराबी

एयर इंडिया समूह में खराबी मिलने का अनुपात कहीं अधिक रहा। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के 267 विमानों की जांच की गई, जिसमें से 191 में बार-बार होने वाली समस्याएं पाई गईं।
यह विश्लेषण किए गए बेड़े का लगभग 72 प्रतिशत है।
आंकड़ों से पता चला कि एयर इंडिया के 166 विमानों में 137 में बार-बार खराबी मिली, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस के 101 विमानों में 54 में इसी तरह की समस्याएं पाई गई थीं।

स्पाइसजेट और अकासा एयर का क्या रहा हाल?

सदन में बताया गया कि अन्य एयरलाइंस भी इस सूची में शामिल थीं। विश्लेषण किए गए स्पाइसजेट के 43 विमानों में 16 में बार-बार होने वाली खराबी पाई गई, जबकि अकासा एयर के 32 विमानों में 14 में खामियां पाई गईं थीं।
मंत्री की ओर से बताया गया कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) नियामकीय निगरानी बढ़ा रही है।
नियामक ने पिछले साल 3,890 निगरानी निरीक्षण, 56 नियामक लेखापरीक्षाएं और 84 विदेशी विमानों की जांच की थी।

निगरानी के लिए बढ़ा रहे हैं कर्मचारी

मंत्री ने बतााय कि DGCA ने अनियोजित निगरानी के तहत 874 स्पॉट चेक और 550 रात्रि निरीक्षण किए हैं।
निगरानी को मजबूत करने के लिए सरकार ने नियामक संस्था DGCA के तकनीकी कर्मचारियों की संख्या को 2022 में 637 से बढ़कर 1,063 कर दी है।
वहीं, एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये निष्कर्ष मुख्य रूप से कम प्राथमिकता वाले उपकरणों से संबंधित हैं, जिनका अमूमन विमान की सुरक्षा से कोई संबंध नहीं होता।

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