GST Council Meeting: GST का दिवाली गिफ्ट,उपभोक्ता और व्यापारियों की बल्ले-बल्ले

Bindash Bol

GST Council Meeting: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार रात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दिवाली का वो देश को दे दिया, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से की थी. रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली लगभग सारी चीजें 5% के स्लैब में आ चुकी है. कंज्यूमर ड्युरेबल्स जैसे फ्रिज, टीवी, वाशिंग मशीन और 1200 सीसी तक की गाड़ियां 18% के स्लैब में रखी गई हैं.

रोटी, पराठा, डेयरी प्रोडक्ट्स और निजी बीमा पर GST नहीं लगेगा और तंबाकू, गुटखा और सिगरेट जैसी चीजों पर 40 प्रतिशत टैक्स लगेगा. इसका लॉन्ग टर्म असर देश के अर्थव्यवस्था पर देखने देखने को मिलेगा. कुछ जानकार तो यहां तक कह रहें हैं कि ये 1991 के उदारवाद का पार्ट 2 है. आम आदमी के साथ ही व्यापारियों में भी खुशी की लहर है.

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने केंद्र सरकार द्वारा घोषित नवीनतम जीएसटी सुधारों और दर पुनर्गठन को ऐतिहासिक एवं क्रांतिकारी करार दिया है. संगठन का कहना है कि इन सुधारों से छोटे व्यापारियों, उपभोक्ताओं और देश की अर्थव्यवस्था को अपार लाभ मिलेगा. यह कदम न केवल कर संरचना को सरल बनाने की दिशा में है बल्कि उपभोग में भारी वृद्धि कर देश की आर्थिक गतिविधियों को गति देने वाला भी सिद्ध होगा.

नई दर से सस्ती हुईं कई चीजें

  • साबुन, डिटर्जेंट, टूथपेस्ट जैसी चीजें
  • कपड़े व रेडीमेड गारमेंट्स, जूते-चप्पल
  • मोबाइल एक्सेसरीज़, टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन जैसे घरेलू उपकरण
  • ड्राई फ्रूट्स, बिस्किट, मिठाई और पैक्ड फूड प्रोडक्ट्स
  • फर्नीचर और छोटे इलेक्ट्रॉनिक सामान
  • पंखे, कूलर, गीजर और एलईडी बल्ब
  • साइकिल, बच्चों के खिलौने, स्टेशनरी और स्कूल बैग
  • प्रेशर कुकर, मिक्सी, बर्तन और किचन एप्लायंसेज़
  • दूध से बने पैक्ड प्रोडक्ट्स, चाय, कॉफी और मसाले
  • होम डेकोर और प्लास्टिक हाउसहोल्ड प्रोडक्ट्स

इन वस्तुओं पर कर दरों में कमी से उपभोक्ता खर्च में बढ़ोतरी होगी. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि इन जीएसटी सुधारों के चलते घरेलू खपत में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी होगी, जिसका सीधा असर खुदरा व्यापार और छोटे दुकानदारों की बिक्री पर पड़ेगा.रिपोर्ट का अनुमान है कि त्योहारी सीजन में खपत 78% तक बढ़ सकती है, जिससे बाजार में जबरदस्त तेजी आएगी.

बीमा सेवाओं पर छूट, उपभोक्ताओं के लिए राहत
सरकार ने बीमा सेवाओं पर जीएसटी से छूट देकर मध्यम वर्ग और वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत दी है.इससे स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा की प्रीमियम दरें अधिक किफायती होंगी. महामारी और बढ़ती स्वास्थ्य लागत के बाद यह कदम आम परिवारों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा और बीमा कवरेज को प्रोत्साहन मिलेगा.

राष्ट्रीय स्तर पर लाभ

  • खपत में वृद्धि दरों में कमी से उपभोक्ता अधिक खरीदारी करेंगे, जिससे बाजार की मांग बढ़ेगी.
  • छोटे व्यापारियों को बढ़ावा बढ़ी हुई मांग का सीधा फायदा छोटे व्यापारियों, रिटेलर्स और थोक विक्रेताओं को मिलेगा.
  • औद्योगिक उत्पादन को प्रोत्साहन जब उपभोग बढ़ेगा तो उद्योगों को अधिक उत्पादन करना होगा, जिससे रोजगार और औद्योगिक गतिविधियाँ तेज होंगी.
  • जीएसटी अनुपालन में सरलता दरों के पुनर्गठन से कर प्रणाली और सरल तथा पारदर्शी होगी, जिससे अनुपालन लागत घटेगी.
  • दो दरों वाले जीएसटी की दिशा में कदम सरकार धीरे-धीरे जीएसटी की जटिल दर संरचना को कम कर 2 प्रमुख दरों की ओर ले जा रही है, जिससे न केवल कर संग्रह बेहतर होगा बल्कि व्यापार जगत में स्थिरता भी आएगी.

GDP में वृद्धि का मार्ग

विशेषज्ञों का मानना है कि खपत में बढ़ोतरी और औद्योगिक उत्पादन में तेजी का सीधा असर भारत की जीडीपी पर पड़ेगा. अनुमान है कि आगामी वित्तीय वर्ष में इन सुधारों से GDP में 0.5% से 0.7% तक की अतिरिक्त वृद्धि संभव है. यह न केवल सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी करेगा बल्कि भारत की वैश्विक आर्थिक छवि को भी मजबूत करेगा.

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