Hazaribagh Blast : हजारीबाग ब्लास्ट का बड़ा राज! RDX या मोर्टार शेल?

Bindash Bol
  • धमाके के पीछे छिपा है बड़ा खतरा?
  • हजारीबाग ब्लास्ट ने सुरक्षा पर खड़े किए सवाल
  • मोर्टार शेल मिला, साजिश की बू तेज
  • जांच जैसे-जैसे बढ़ी, रहस्य गहराया
  • हजारीबाग ब्लास्ट: सच अब सामने आएगा
  • Hazaribagh Blast : झारखंड हजारीबाग में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले में चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। शुरुआती तौर पर जिसे एक सामान्य देसी बम विस्फोट माना जा रहा था, वह अब कहीं ज्यादा गंभीर और खतरनाक साजिश की ओर इशारा कर रहा है। जांच एजेंसियों को विस्फोट स्थल से मोर्टार शेल के अवशेष मिले हैं, जिसने पूरे मामले की दिशा ही बदल दी है।

यह विस्फोट बुधवार को हजारीबाग जिले के हबीबी नगर इलाके में हुआ था। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास का इलाका दहल गया और मलबे में दबकर एक दंपति समेत तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान मोहम्मद सद्दाम, उनकी पत्नी नन्ही परवीन और रशीदा परवीन के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई और स्थानीय लोग सहमे हुए नजर आए।

जांच में जुटी फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) और राज्य बम निरोधक दस्ते की संयुक्त टीम ने जब घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, तो कई अहम सबूत सामने आए। मलबे के नीचे दबा मोर्टार गोले का पिछला हिस्सा बरामद किया गया। इसके अलावा ईंटों के टुकड़े, कुल्हाड़ी और उसका टूटा हैंडल, प्लास्टिक के गमले के हिस्से, धातु के अवशेष और खून के नमूने भी जब्त किए गए। इन सभी सबूतों को विधिवत सील कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।

जांच से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि मोर्टार यूनिट की मौजूदगी इस बात का संकेत देती है कि विस्फोट में तात्कालिक लेकिन अत्यंत शक्तिशाली विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। यदि फोरेंसिक रिपोर्ट इस आशंका की पुष्टि करती है, तो यह मामला केवल सामान्य आपराधिक घटना नहीं रह जाएगा, बल्कि इसमें संगठित और गंभीर साजिश की आशंका भी जुड़ जाएगी।

हजारीबाग के एसपी अंजनी अंजन ने साफ शब्दों में कहा है कि अब तक की जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि यह धमाका किसी देसी बम की वजह से नहीं हुआ। विस्फोट की प्रकृति और शवों पर आई गंभीर चोटें किसी अत्यंत शक्तिशाली विस्फोटक की ओर इशारा करती हैं। उन्होंने बताया कि रांची स्थित फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी।
इस बीच सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके को चारों ओर से घेर लिया है। आशंका जताई जा रही है कि कहीं आसपास और विस्फोटक सामग्री न छिपाई गई हो। इसी वजह से अतिरिक्त तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और हर कड़ी को खंगाला जा रहा है—चाहे वह विस्फोटकों का स्रोत हो, उनकी सप्लाई चेन हो या इसके पीछे शामिल लोग।

हजारीबाग ब्लास्ट अब सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि राज्य की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल बन चुका है। आने वाले दिनों में फोरेंसिक रिपोर्ट और जांच एजेंसियों की कार्रवाई तय करेगी कि यह विस्फोट किस साजिश का हिस्सा था और इसके पीछे कौन-कौन शामिल थे। एक बात तय है—इस धमाके ने झारखंड की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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