Hemant Soren : रामनवमी के पावन अवसर पर पूरे झारखंड में भक्ति और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। इसी क्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तपोवन मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान श्रीराम और माता जानकी की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इस दौरान उनके साथ उनकी पत्नी एवं विधायक कल्पना सोरेन भी मौजूद रहीं, जिससे कार्यक्रम का महत्व और बढ़ गया।

मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर खास तैयारियां की गई थीं। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी इस पावन अवसर के साक्षी बने। पूरा वातावरण जय श्रीराम के नारों और भक्ति गीतों से गुंजायमान हो उठा, जिससे माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग गया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भगवान श्रीराम को मर्यादा, त्याग और आदर्श जीवन का प्रतीक बताते हुए कहा कि रामनवमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें आपसी प्रेम, भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने की प्रेरणा देता है, जो समाज की मजबूती के लिए बेहद जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की धरती विविधता में एकता की मिसाल है और ऐसे पर्व हमें अपनी जड़ों से जोड़ते हुए समाज को एकजुट रखने का कार्य करते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती दी, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकजुटता का भी एक सशक्त संदेश दिया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और प्रेरणादायक बन गया।
