Hormuz Crisis : भारत के लिए ‘संजीवनी’: तिरंगे वाले जहाजों को मिला रास्ता

Bindash Bol

* होर्मुज में तनाव के बीच भारत की कूटनीतिक जीत!

* दुनिया थमी, भारत के टैंकर आगे बढ़े

Hormuz Crisis : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz पर ईरान की सख्ती से वैश्विक शिपिंग लगभग ठप हो चुकी है। 24 घंटों में एक भी जहाज को गुजरने की अनुमति नहीं मिली, लेकिन इसी संकट के बीच भारत के दो LPG टैंकरों को हरी झंडी मिलना बड़ी रणनीतिक सफलता मानी जा रही है। ‘Pine Gas’ और ‘Jag Vasant’ जैसे टैंकरों को मिली मंजूरी ने भारत की मजबूत कूटनीति का संकेत दिया है।

भारत को मिली बड़ी राहत

दरअसल, मौजूदा हालात के बीच भारत के लिए राहत की बात यह है कि भारतीय झंडे वाले दो एलपीजी (LPG) टैंकरों को इस मार्ग से गुजरने की मंजूरी मिल गई है. यह फैसला इसलिए अहम है क्योंकि ईरान पहले ही चेतावनी दे चुका है कि बिना अनुमति इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है. ऐसे जोखिम भरे माहौल में भारत को मिली यह अनुमति एक महत्वपूर्ण रणनीतिक उपलब्धि मानी जा रही है.

शिपिंग डेटा ने बढ़ाई चिंता

रॉयटर्स के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, ‘पाइन गैस’ और ‘जग वसंत’ नाम के ये टैंकर फिलहाल खाड़ी क्षेत्र में खड़े हैं और आगे बढ़ने की तैयारी में हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले एक दिन में इस मार्ग से एक भी कच्चे तेल का टैंकर नहीं गुजरा. यह स्थिति बताती है कि समुद्री गतिविधियां लगभग ठप हो चुकी हैं और खतरा लगातार बना हुआ है.

वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा गहरा असर

दरअसल, फारस की खाड़ी से निकलने वाला करीब 20 फीसदी वैश्विक तेल और एलएनजी इसी रास्ते से होकर गुजरता है. ऐसे में इस मार्ग पर रुकावट का असर पूरी दुनिया पर पड़ना तय है। फिलहाल सैकड़ों जहाज समुद्र में ही रुके हुए हैं और सुरक्षित संकेत मिलने का इंतजार कर रहे हैं.

भारत में LPG सप्लाई पर दिख रहा असर

ईरान की सख्ती का असर दुनिया के कई बड़े देशों के साथ-साथ भारत में भी देखने को मिल रहा है. लगातार तीसरे हफ्ते एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित बनी हुई है. हालांकि घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने रसोई गैस की सप्लाई को प्राथमिकता दी है, लेकिन होटल और अन्य व्यवसायिक उपभोक्ताओं को अब भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. शुरुआत में व्यावसायिक सप्लाई पूरी तरह रोक दी गई थी, जिसे बाद में आंशिक रूप से बहाल किया गया. इसके साथ ही केंद्र और तमाम राज्य सरकारों ने जनता से LPG के साथ-साथ घरेलू उपयोग के लिए विकल्प के इस्तेमाल करने के लिए कहा है.

ईरान-इजरायल तनाव में अमेरिका की क्या है भूमिका?

वैश्विक मामलों के जानकारों का मानना है कि ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के साथ अमेरिका की सक्रियता ने हालात को और गंभीर बना दिया है. लगातार हो रही सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमलों ने सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे वैश्विक बाजार में अस्थिरता बनी हुई है. हालांकि भारत के दो टैंकरों को मिली अनुमति से यह उम्मीद जरूर जगी है कि स्थिति धीरे-धीरे बेहतर हो सकती है. लेकिन फिलहाल हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हैं और हर कदम बेहद सावधानी के साथ उठाया जा रहा है.

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