Impact of Smart City Project in Bihar : बिहार के 4 शहरों में हाईटेक जासूसी! 141 करोड़ का ट्रैफिक चालान कटा

Bindash Bol

Impact of Smart City Project in Bihar : बिहार के चार प्रमुख शहरों पटना, बिहारशरीफ, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में स्मार्ट सिटी योजना के तहत अत्याधुनिक CCTV निगरानी तंत्र स्थापित किया गया है। इन शहरों में कुल 6,138 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे अपराध नियंत्रण और ट्रैफिक प्रबंधन में बड़े पैमाने पर सुधार देखा जा रहा है। इस निगरानी प्रणाली की मॉनिटरिंग इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से की जा रही है।

अब तक 141.85 करोड़ रुपये की चालान वसूली

तीसरी आंख यानी CCTV कैमरों की सहायता से अब तक कुल 141.85 करोड़ रुपये की चालान वसूली की गई है। राजधानी पटना की बात करें तो अक्टूबर 2024 से मार्च 2025 के बीच 97.45 करोड़ रुपये का चालान वसूला गया है, जबकि बिहारशरीफ में इसी अवधि में 0.48 करोड़ रुपये की वसूली हुई है। वहीं, भागलपुर में नवंबर 2023 से फरवरी 2025 तक 22.68 करोड़ रुपये का चालान काटा गया। मुजफ्फरपुर में मई 2023 से 11 मार्च 2025 तक कुल 21.24 करोड़ रुपये की वसूली की गई है।

पटना में 3300 CCTV कैमरों से कड़ी निगरानी

राजधानी पटना में 3300 CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिससे शहर की पल-पल की गतिविधियों पर नज़र रखी जा रही है। 30 जगहों पर अनुकूली यातायात नियंत्रण (ATCS), 30 स्थानों पर रेडलाइट जंप, 28 जगहों पर नंबर प्लेट पहचान सिस्टम, 12 स्पीड वॉयलेशन डिटेक्शन (SVD) कैमरे लगाए गए हैं। शहर में 16 वेरिएबल मैसेज डिस्प्ले (VMD) और 69 पब्लिक अनाउंसमेंट (PA) सिस्टम भी लगाए गए हैं।

भागलपुर में 1500 कैमरों से अपराधियों पर सख्त नज़र

भागलपुर में 250 स्थानों पर 1500 CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिससे चोरी, हत्या और अन्य आपराधिक मामलों की जांच में मदद मिली है। यहां ICCC योजना के तहत 16 जगहों पर ATCS, 128 स्थानों पर रेडलाइट उल्लंघन, 128 नंबर प्लेट पहचान सिस्टम और 64 SVD लगाए गए हैं।

इसके अलावा, 20 स्थानों पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स, 17 VMD, 25 PA सिस्टम, और हवा की गुणवत्ता जांचने के लिए 5 एनवायर्नमेंटल सेंसर्स भी लगाए गए हैं।

बिहारशरीफ और मुजफ्फरपुर में भी स्मार्ट निगरानी

बिहारशरीफ में 494 CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिससे कानून-व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा में सुधार हुआ है। वहीं, मुजफ्फरपुर में 844 CCTV कैमरे लगे हैं, जिनसे अपराध और यातायात उल्लंघन पर सख्ती बरती जा रही है। बीते दो वर्षों में 141.85 करोड़ रुपये की चालान वसूली हुई है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि यह पहल न केवल अपराध पर लगाम लगाने में कारगर है बल्कि शहरों को अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने में भी सफल हो रही है।

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