- गुणक्तापूर्ण शिक्षा आई० एम० एस० की प्रथमिकता
IMS : राँची विश्वविधालय के इंस्टीयूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (आई० एम० एस०) में नये निदेशक के रुप में श्री एस० के० सिंह ने सोमवार को योगदान किया।
इसके पूर्व भी श्री एस० के० सिंह मार्च 2012 में सी० सी० एल० मे महा प्रबन्धक (कार्मिक) के पद से रिटायर करने के बाद आईएमएस में निदेशक रह चूके है। आईएमएस के बाद श्री एस० के० सिंह Assocham के क्षेत्रीय निदेशक बने तथा हाल के दिनों तक वे वहीं कार्यरत थे। श्री सिंह के पास उधोग जगत का 40 वर्षों से ज्यदा का लम्बा अनूभव प्राप्त है। श्री सिंह ने कहा कि गुणवत्तपूर्ण शिक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है। आईएमएस की गिनती भी नामी गिरामी प्रवेध संस्थानों में होगी। यहाँ से निकलने वाले छात्र बड़ी कंपनियों में अच्छे पद पर काविज हो इसका प्रयास करेंगे ।
औधोगिक घरानो के दक्ष होंगे आंमत्रित
छात्रों को दक्ष करने के लिए औधोगिक घरानों के विशेषतों से मदद ली जाएगी। उनके बीच कार्यशालाए सेमिनार और समय-समय पर ओधोगिक घरानो के प्रबंधन द्वारा कैंपस में कार्यकम आयोजित किए जाएगें। औधोगिक घरानो के दक्ष लोगों के अनुभव विधार्थियों के लिए काफी लाभकारी होंगे। आज के बदलते महौल मे परिस्थियों के अनुरुप प्रवधन बहुत जरुरी हो गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई सोच के साथ किए गए प्रयास संस्थान को काफी आगे ले जायगे।
छात्र- शिक्षको के बीच होंगें खुले रिश्ते
गुणवतापूर्ण शिक्षा के लिए विधार्थियों और शिक्षको के बीच खुले संबंध होंगे। इसके अलावे आंतरिक संसाधन की मजबूती, छात्रों की शत प्रतिशत उपस्थिति और अनुशासन के साथ-साथ शिक्षको की सक्रिय भागीदारी जरुरी है। प्रबंधन के विकास के लिए बदले वैश्विक माहोल में औधेगिक कुशलता, पांरपरिक उधोग और नीतियों का पुनरीक्षन तथा मानव संसाधनों के सार्थक उपयोगीत पर लगातार नजर रखनी होगी ताकि श्रम – उत्पादन और तकनीक के बीच लाभकारी संबध स्थापित किया जा सके।