India–Malaysia Relations: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मलेशिया दौरा सिर्फ एक विदेशी यात्रा नहीं, बल्कि भारत-मलेशिया रिश्तों में एक नया अध्याय जोड़ने वाला कदम माना जा रहा है। कुआलालंपुर में इंडियन कम्युनिटी को संबोधित करते हुए PM मोदी ने मलेशिया में इंडियन कॉन्सुलेट खोलने का बड़ा ऐलान किया। क्या यह फैसला दोनों देशों को पहले से ज्यादा करीब लाएगा?
मलेशिया में इंडियन कॉन्सुलेट क्यों है इतना अहम?
PM मोदी ने कहा कि इंडियन कॉन्सुलेट खुलने से मलेशिया में रह रहे भारतीयों को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा। वीज़ा, पासपोर्ट, OCI कार्ड और अन्य कांसुलर सेवाएं अब आसान होंगी। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इससे भारत की पहुंच भारतीय डायस्पोरा तक और मजबूत होगी और दोनों देशों के बीच सहयोग को नई रफ्तार मिलेगी।

OCI कार्ड छठी पीढ़ी तक: क्या बदलेगा डायस्पोरा का भविष्य?
प्रधानमंत्री मोदी ने OCI कार्ड की पात्रता छठी पीढ़ी तक बढ़ाने की बात दोहराई। इससे भारतीय मूल के लाखों मलेशियाई नागरिकों में उत्साह है। यह कदम भारत को वैश्विक स्तर पर अपनी सॉफ्ट पावर मजबूत करने में मदद करेगा।
‘सेलामत दातांग मोदीजी’: सांस्कृतिक संदेश या कूटनीतिक संकेत?
कुआलालंपुर में हुए भव्य स्वागत समारोह में 800 कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुति मलेशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुई। PM मोदी ने इसे भारत-मलेशिया के दिलों को जोड़ने वाला पल बताया।
IMPACT पार्टनरशिप: नाम नहीं, रणनीति?
PM मोदी ने भारत-मलेशिया संबंधों को IMPACT (India-Malaysia Partnership for Advancing Collective Transformation) नाम दिया। यह संकेत है कि रिश्ता अब केवल व्यापार या राजनीति तक सीमित नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, शिक्षा, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल विकास तक फैल रहा है।

UPI मलेशिया में: क्या बदलेगा टूरिज्म और कारोबार?
PM मोदी ने बताया कि जल्द ही मलेशिया में UPI आधारित डिजिटल पेमेंट की सुविधा शुरू होगी। इससे भारत-मलेशिया टूरिज्म, छात्रों और बिजनेस यात्रियों को बड़ा फायदा मिल सकता है। यह डिजिटल डिप्लोमेसी का नया मॉडल बनेगा।
तिरुवल्लुवर सेंटर और तमिल विरासत का संदेश
यूनिवर्सिटी मलाया में तिरुवल्लुवर सेंटर और स्कॉलरशिप की घोषणा कर PM मोदी ने सांस्कृतिक और शैक्षणिक रिश्तों को और गहरा किया। उन्होंने कहा कि तमिल संस्कृति वैश्विक है और मलेशिया में सदियों पुरानी तमिल डायस्पोरा इसकी जीवंत मिसाल है।
क्या यह यात्रा इतिहास बनाएगी?
इंडियन कॉन्सुलेट, OCI विस्तार, UPI, सांस्कृतिक जुड़ाव और IMPACT पार्टनरशिप—PM मोदी की यह यात्रा साफ संकेत देती है कि भारत-मलेशिया रिश्ते अब नए स्तर पर पहुंच चुके हैं। आने वाले वर्षों में इसका असर पूरे ASEAN क्षेत्र में दिखेगा।
