IndiaFrance : इमैनुएल मैक्रों मुंबई पहुंचे, आज नरेंद्र मोदी से अहम मुलाक़ात

Bindash Bol

IndiaFrance : फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपने आधिकारिक दौरे पर मुंबई पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया. आज उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता होने वाली है. इस मुलाक़ात में रक्षा सहयोग, इंडो-पैसिफिक रणनीति, व्यापार, निवेश, जलवायु परिवर्तन और टेक्नोलॉजी साझेदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद है. भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी पिछले कुछ वर्षों में मजबूत हुई है, और यह दौरा उसी रिश्ते को नई दिशा दे सकता है. वैश्विक भू-राजनीतिक हालात के बीच दोनों देशों की यह बैठक खास मानी जा रही है.

फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों मंगलवार सुबह तीन दिन के भारत दौरे पर आए. 2017 में ऑफिस संभालने के बाद से यह उनका चौथा भारत दौरा है. भारत और फ्रांस अपने डिफेंस, ट्रेड और टेक्नोलॉजी संबंधों को और बेहतर बनाने पर चर्चा करेंगे. आज पीएम नरेंद्र मोदी मुंबई में फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों के साथ बाइलेटरल मीटिंग करेंगे. अपने तीन दिन के भारत दौरे के दौरान, मैक्रों गुरुवार को दिल्ली में AI समिट में भी हिस्सा लेंगे. मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिगिट का मुंबई एयरपोर्ट पर महाराष्ट्र के गवर्नर आचार्य देवव्रत, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने स्वागत किया.

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, बाइलेटरल मीटिंग के बाद डिफेंस, ट्रेड, स्किलिंग, हेल्थ और सप्लाई चेन जैसे एरिया में करीब एक दर्जन एग्रीमेंट/MoU साइन होने की उम्मीद है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, मुंबई में लीडर मिलकर इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन का उद्घाटन करेंगे, जिसे दोनों देशों में 2026 तक मनाया जाएगा. इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन और कल्चरल कमेमोरेशन मंगलवार शाम को गेटवे ऑफ इंडिया पर होगा.

114 राफेल फाइटर जेट खरीदने को मिली थी मंजूरी

भारत सरकार ने पिछले हफ्ते फ्रांस से गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट फ्रेमवर्क के तहत 114 राफेल फाइटर जेट खरीदने के प्रपोजल को मंजूरी दी थी. भारत और फ्रांस मंगलवार को बेंगलुरु में 6th एनुअल डिफेंस डायलॉग भी करेंगे, जिसमें उनके डिफेंस कोऑपरेशन एग्रीमेंट को अगले 10 सालों के लिए रिन्यू किए जाने की उम्मीद है.

हिंद महासागर में बड़ी ताकत

चर्चा में 2024 में तय हुए बड़े डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप के हिसाब से, हवाई और समुद्री एसेट्स से जुड़े ज्यादा सहयोग पर भी फोकस रहने की उम्मीद है. दोनों नेता रूस-यूक्रेन युद्ध, गाजा की स्थिति और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र सहित क्षेत्रीय और ग्लोबल मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे. यहां भारत फ्रांस को एक जरूरी पार्टनर के तौर पर देखता है.

क्वाड पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं, ऐसे में हिंद महासागर में एक बड़ी ताकत, फ्रांस के साथ पार्टनरशिप भारत के लिए और भी जरूरी हो गई है. भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, दोनों नेता तीन साल पहले अपनाए गए होराइजन 2047 रोडमैप में बताए गए कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग को मज़बूत करने पर चर्चा करेंगे. ये अगले 25 सालों में आपसी सहयोग का रास्ता तय करेगा. भारत में AI समिट में मैक्रों की भागीदारी पिछले साल फ्रांस में मोदी के साथ इसी समिट की को-चेयरशिप के बाद हुई है.

TAGGED:
Share This Article
Leave a Comment