Indian Delegation : मिशन ‘पाक बेनकाब’ पर निकली पहली टीम, क्या है प्लान 5, डोजियर से लेकर भारत के रुख तक, जानें सब

Bindash Bol

Indian Delegation : आतंकवाद पर पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए भारत से जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के सांसद संजय झा के नेतृत्व में एक सर्वदलीय डेलिगेशन जापान पहुंचा. वहीं शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व में एक डेलिगेशन यूएई के अबू धाबी पहुंच चुका है. ये डेलिगेशन दुनिया के सामने भारत का पक्ष रखेंगे. बताया जा रहा है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए जो डेलीगेशन गए हैं या जाने वाले हैं, उनको डॉक्यूमेंट के तीन सेट दिए गए हैं.

पहले सेट में यात्रा कार्यक्रम है कि कब कहां जाना और पहुंचना है, किससे मिलना है और किस-किस समूह से मिलना है. वहीं दूसरे सेट में बातचीत के क्या क्या मुद्दे हैं और उस पर क्या-क्या बोलना है. तीसरा सेट जो है वो पाकिस्तान के आतंकवाद के कारनामों की फेहरिस्त है. ये वो डोजियर है, जिसमें बताया गया है कि किस तरह और कहां-कहां पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ट्रेनिंग कैंप चलते हैं.

पाकिस्तान को करेंगे बेनकाब

वहीं किस तरह से पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर समेत भारत के अलग-अलग राज्यों में अपने यहां ट्रेनिंग पाए आतंकियों को भेजकर आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया. उसकी विस्तृत जानकारी और जांच रिपोर्ट भी है, जिसमें इन आतंकी घटनाओं में पाकिस्तान का हाथ साबित हुआ है. इसी डोजियर में विदेशों की आतंकी घटनाओं में पाकिस्तान और उसके आतंकियों के शामिल होने की जानकारी और रिपोर्ट भी शामिल है. ये डोजियर करीब 150 पन्नों का है.

नौ आतंकी शिविरों को बनाया निशाना

ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष के बाद नई दिल्ली के रुख से अवगत कराने के लिए प्रतिनिधिमंडल दक्षिण कोरिया, मलेशिया, इंडोनेशिया और सिंगापुर का भी दौरा करेगा. पहलगाम आतंकवादी हमले का बदला लेने के लिए भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी शिविरों को निशाना बनाया था.

पहलगाम में आतंकी हमला

पहलगाम में हुए हमले में कम से कम 26 लोग मारे गए थे. सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में संजय झा ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य दुनिया को पाकिस्तान की आतंकवाद को संरक्षण देने की नीति और ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में सच्चाई बताना है.

बता दें, जेडीयू सांसद के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल में बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी, बृजलाल, प्रधान बरुआ और हेमांग जोशी, कांग्रेस नेता एवं पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद, तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के जॉन ब्रिटास और पूर्व राजदूत मोहन कुमार शामिल हैं. विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, आतंकवाद के खिलाफ कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति.

पांच देशों की यात्रा पर रवाना

मंत्रालय ने कहा था कि जेडीयू सांसद संजय झा के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का पहला समूह ऑपरेशन सिंदूर पर भारत के राजनयिक संपर्क के हिस्से के रूप में पांच देशों की यात्रा पर रवाना हुआ है. इसने कहा कि प्रतिनिधिमंडल इंडोनेशिया, मलेशिया, कोरिया गणराज्य, जापान और सिंगापुर का दौरा करेगा, ताकि सभी तरह के आतंकवाद से निपटने के भारत के संकल्प की पुष्टि की जा सके.
शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व में एक अन्य
प्रतिनिधिमंडल भी संयुक्त अरब अमीरात, लाइबेरिया, कांगो और सिएरा लियोन के लिए रवाना हुआ था. सरकार पाकिस्तान की साजिशों और आतंकवाद के प्रति भारत की प्रतिक्रिया के बारे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अवगत कराने के लिए सात प्रतिनिधिमंडल भेज रही है.

डोजियर में क्या-क्या?

  • पाकिस्तान के आंतकवाद को समर्थन करने के सबूत
  • 26/11 मुंबई और पठानकोट हमले के बाद भारत ने सबूत दिए, लेकिन पाक ने कुछ नहीं किया
  • 2008 मुंबई अटैक बाद दिए फोटो, कॉल रिकॉर्ड और DNA सैंपल के पुख्ता सबूत दिए थे, फिर भी एक्शन नहीं लिया.
  • 9/11 हमले और 2005 के लंदन बम धमाके समेत दुनियाभर में हुए कई हमलों में पाकिस्तान कनेक्शन के सबूत.
  • भारत का रुख दुनिया के सामने रखेंगे

भारतीय सांसदों वाला डेलिगेशन अलग-अलग देशों में जाकर पाकिस्तान की काली करतूतों की पोल खोलेगा. आतंकवाद पर वह भारत की स्थिति को साफ करेंगा और बताएगा कि भारत चार दशकों से सीमा पार से आतंकवाद झेल रहा है. ऐसी गतिविधियों का मुकाबला करने के लिए अब न्यू नॉर्मल तरीका अपनाया है. इसमें अस्पष्टता या तुष्टिकरण की कोई गुंजाइश नहीं है.

  • आतंकवाद पर भारत की जीरो टॉलरेंस नीति

भारतीय प्रतिनिधिमंडल दुनिया के 33 देशों को बताएगा कि भारत किस तरह अपनी धरती पर किसी भी आतंकवादी घटना को अंजाम देने वालों और इसकी साजिश रचने वालों को कड़ा जवाब देगा. भारत शांति के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन वह अपनी धरती पर किसी भी आतंकवादी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा और जवाबी कार्रवाई करेगा.

* पाकिस्तान पर एक्शन की वजह

प्रतिनिधिमंडल दुनिया के सामने ये स्पष्ट करेगा कि भारत की कार्रवाई पाकिस्तान और इसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर की गई थी, न कि सैन्य प्रतिष्ठानों और नागरिकों के खिलाफ. पाकिस्तान द्वारा भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों और नागरिक आबादी पर हमला करने के प्रयासों के बाद ही भारत ने जवाबी कार्रवाई की

* आतंक का समर्थक है पाकिस्तान

भारतीय सांसदों का दल आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान की भूमिका को उजागर करने वाले कुछ सबूत साथ लेकर गया है. जिनमें कुछ तस्वीरें, दस्तावेज शामिल हैं. इनके जरिए बताया जाएगा कि पहलगाम आंतंकी हमले में पाक के आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) की भूमिका थी. इसेस पहले हुए हमलों का भी काला चिट्ठा उनके पास है.

* आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकजुटता

सांसदों का दल इन देशों से आतंकवाद के खिलाफ उनका सहयोग और समर्थन मांगेगा. साथ ही ये भी मांग की जाएगी कि आतंकवाद के खिलाफ ये देश खुलकर अपनी आवाज उठाएं. इन देशों से कहा जाएगा कि भारत-पाकिस्तान के बीच हुए एक्शन को आतंकवाद के खिलाफ युद्ध के तौर पर देखा जाए.

कहां-कहां जाएगा भारतीय डेलिगेशन

बता दें कि एक प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई जेडीयू के संजय झा कर रहे हैं. वहीं दूसरे प्रतिनिधिमंडल को शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे लीड कर रहे हैं. संजय झा की अगुवाई वाली टीम पहले जापान और फिर इंडोनेशिया, मलेशिया, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर जाएगी. जबकि श्रीकांत शिंदे की अगुवाई वाली टीम पहले यूएई, फिर लाइबेरिया, कांगो और सिएरा लियोन जाएगी.

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