India’s Green Train: : भारत अपनी पहली हाइड्रोजन ट्रेन लॉन्च करने की तैयारी में है। रेलवे के अनुसार, देश की पहली ग्रीन ट्रेन मई 2025 में ट्रैक पर दौड़ सकती है। यह ट्रेन 1,200 हॉर्सपावर की हाइड्रोजन इंजन से लैस होगी। यह दुनिया की सबसे पावरफुल हाइड्रोजन ट्रेन होगी। मौजूदा समय में अन्य देशों में संचालित हाइड्रोजन पावर ट्रेन 600 या 800 HP क्षमता तक सीमित हैं। हालांकि, भारत की हाइड्रोन ट्रेन एडवांस टेक्निक पर डेवलप हो रही है।
ग्रीन ट्रांसपोर्ट में भारत की बड़ी छलांग
हाइड्रोजन को भारत में ग्रीन ट्रांसपोर्टेशन को बढ़ावा देने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। यह ट्रेन डीजल इंजन का एक इको-फ्रेंडली विकल्प होगी। साथ ही भारत की एडवांस रेलवे इंजीनियरिंग और सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट को दर्शाएगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ट्रेन का सफल ट्रायल करने के बाद इसे जल्द ही कमर्शियल ऑपरेशन के लिए तैयार किया जाएगा।
9000 HP की हाई-पावर लोकोमोटिव भी तैयार
केवल हाइड्रोजन ट्रेन ही नहीं, भारत अब हाई-पावर लोकोमोटिव निर्माण में भी नए आयाम स्थापित कर रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में गुजरात के दाहोद में विकसित 9,000 हॉर्सपावर की अत्याधुनिक लोकोमोटिव का जिक्र किया। बताया जा रहा है कि यह लोकोमोटिव किसी पारंपरिक इंजन की तरह नहीं बल्कि एक अत्यधिक रिफाइन्ड डेटा सेंटर की तरह काम करेगा।
इंडियन रेलवे का ग्लोबल लेवल पर विस्तार
भारत की रेलवे मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री को ग्लोबल लेवल पर मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार रेलवे इक्विपमेंट एक्सपोर्ट को भी बढ़ावा दे रही है। इलेक्ट्रॉनिक टेलीकॉम और और डिफेंस सेक्टर में मिली सफलता की तर्ज पर भारत अब रेलवे उपकरण निर्माण और एक्सपोर्ट में ग्लोबल लेवल पर टॉप पर जाने की सोच रही है।
इको-टूरिज्म को बढ़ावा का प्रयास
भारत में सस्टेनेबल ट्रैवल को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। एक ओर इको फ्रेंडली टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए केरल, सिक्किम, मेघालय और मध्य प्रदेश में कई पहल की जा रही हैं तो वहीं दूसरी ओर भारतीय रेलवे ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में नई तकनीकों को अपना रहा है। हाइड्रोजन पॉवर्ड ट्रेन इस दिशा में सबसे बड़ा कदम साबित होगी।