IPL 2025 : अच्छा आपने एक बात नोटिस की है कभी? सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे मिडिल क्लास इन्फ्लूएंशर है, जिनके सब्सक्राइबर फॉलोवर और व्यूज मिलियन में है पर अभी भी उनका घर,उनके कपड़े वैसे ही पुराने और गरीबों वाले है, जैसे शुरुआती दिनों में होते थे।कुछ ने तो घर के उजड़े प्लास्टर तक को ठीक नहीं करवाया। अब इन इन्फ्लूएंशर पर इल्जाम लगता है कि ये लोग गरीबी बेचते है, मुमकिन है कि सिर्फ गरीबी परोसने वाले लोगों के लिए ये बात सच भी हो, पर कई इन्फ्लूएंशर ऐसे है जो कंटेंट अच्छा बनाते है, पर अपनी लाइफस्टाइल को उन्होंने अपग्रेड नहीं किया है अभी।उसका सबसे बड़ा कारण ये है कि जैसे ही वो ऐसा कुछ करेंगे, वो खत्म हो जाएंगे, जिन फॉलोवर्स ने उन्हें सर आंखों पर बिठाया है,तारीफे करते है, “सपोर्ट” करते है, वही खिलाफ हो जाएंगे।इसकी ताजा मिसाल रिंकू सिंह है।
IPL में KKR के तीन मैच खत्म हुए है, तीनों मैच में रिंकू सिंह की परफॉर्मेंस कुछ खास नहीं रही है, रिंकू अब कोई आम खिलाड़ी नहीं है, KKR में उनकी जगह फ़िक्स है, उन्हें रिटेन किया गया था।और इस रिटेंशन के पीछे की सबसे बड़ी वजह ये है कि रिंकू सिंह ने मुश्किल मौके पर अपनी टीम के लिए एक से बढ़कर एक जिम्मेदारी भरी इनिंग खेली है।इसलिए खराब परफॉमेंस पर उनकी आलोचना तो जरूरी है, पर सिर्फ 3 मैच के बाद आप देखेंगे कि बहुत से खिलाड़ी फैल हुए है, बहुत से ऐसे खिलाड़ी जो रिंकू के लेवल के ही क्रिकेटर है, पर रिंकू सिंह के फैलियर को इतना हाइलाइट क्यू किया जा रहा है। रिंकू सिंह पर नए मीम बन रहे है,एक सबसे कॉमन जोक है, कि रिंकू सिंह गरीब था तो बढ़िया था। अब कहने को ये चुटकुला है, पर इस चुटकुले के पीछे समाज की एक गहरी साइकोलॉजी हैं।
असल में इंटरनेट ने रिंकू को शुरू में प्यार ही इसीलिए दिया था क्योंकि वो एक गरीब बाप का गरीब बेटा था, रिंकू को अपनी आंखों के सामने तरक्की करते सबको लगता था कि जैसे हम तरक्की कर रहे है। जैसे एक मामूली इन्फ्लूएंशर को तरक्की करते देखकर उसके पुराने फॉलोवर्स को खुशी होती है, और साथ ही साथ ये घमंड भी की इसे हमने बनाया है, उसे आगे हमने बढ़ाया है।उसी तरह इंटरनेट के लोगो को लगता है कि उन्होंने रिंकू सिंह को बनाया है। जबकि ऐसा नहीं है, रिंकू सिंह को इंटरनेट से जो भी मिला है, वो भीख नहीं है,पुरुस्कार है, भीख का एहसान जताया जा सकता है, पुरस्कार का नहीं। वो 5 छक्के वाली पारी रिंकू के जीवन की पहली पारी नहीं थी, उस पारी के बाद रिंकू ने जितने मैच खेले है, उसके बीस गुना मैच खेलकर ये लड़का उस मैच तक पहुंचा था।
पर इंटरनेट को तो यही, वहम है कि उसके प्यार ने,रिंकू सिंह को रिंकू सिंह बना दिया है। जबकि इस प्यार की हकीकत ये है कि,अभी आगे अगर रिंकू एक दो मैच में चल गया, तो सब उसे वापस प्यार करने लगेंगे।पर अगर आगे के मैच में भी रिंकू फेल हुआ,तो इंटरनेट का एक बड़ा हिस्सा उसे नोचने को तैयार बैठा मिलेगा,गलती से अगर इसने समय या थकान की वजह से किसी को सेल्फी देने से मना कर दिया, और उसका वीडियो किसी ने बना लिया तो मामला खत्म समझिए। ये बात तय है कि KKR वाले रिंकू को पूरा सीजन खिलाएंगे,क्यूंकि उन्हें पता है कि उन्होंने रिंकू को क्या रोल दिया है, KKR और MI तो, पूरा पूरा सीजन रसल और पोलार्ड को ढोती थे,सिर्फ एक मैच में चलने के लिए। पर पोलार्ड और रसल के लिए इतना आउट्रेज नहीं होगा, क्यूंकि वो गरीब नहीं थे, थे भी तो उनकी गरीबी की कहानी से हमारे यहां का इंटरनेट कनेक्ट नहीं हो पाता।
अब अगर आगे रिंकू बेचारा फेल हुआ तो KKR वाले तो उसे पूरा मौका देने की कोशिश करेंगे, पर बेचारा रिंकू इंटरनेट के निशाने पर आ जाएगा, फिर सवाल होंगे, मुद्दा बनेगा, और इस बीच कुछ लोग मान लेंगे कि रिंकू फ्रॉड है, और हर मैच में यही इंतजार करेंगे कि रिंकू बस एक बार फेल हो जाए। आप इंटरनेट का इतिहास उठाकर देख लीजिए,इंटनरेट ने जिस भी मामूली चीज को बड़ा बनाया है,उसे बहुत बड़ा बनने से पहले तोड़ भी दिया है।इंटनरेट ऐसा ही है, यहां की तारीफे, यहां की आलोचनाएं, सिर्फ और सिर्फ ट्रेंड के मुताबिक होती है,रिंकू को जो प्यार
इंटरनेट ने दिया, उसने रिंकू को नहीं बनाया है। पर अभी जो नफरत रिंकू को मिल रही है, शायद ये रिंकू को कुछ और बना दे, पर तब रिंकू शायद ये जी हुजूरी,ये मासूमियत, ये जी जनव छोड़ देगा, और तब ये इंटरनेट बस ताक में रहेगा, रिंकू की एक गलती के…